क्रिसिल रेटिंग्स ने सोमवार को एक रिपोर्ट में कहा कि भारत का ईएसवाई 2025 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य - या सालाना 990 करोड़ लीटर - इसकी आपूर्ति बढ़ाने के लिए अनाज और गन्ना दोनों फीडस्टॉक के प्रभावी इस्तेमाल की जरूरत होगी। इसमें कहा गया है कि अनाज से वार्षिक इथेनॉल उत्पादन अगले सीजन तक 600 करोड़ लीटर तक उल्लेखनीय रूप से बढ़ने की उम्मीद है। इस सीजन का उत्पादन अनुमान 380 करोड़ लीटर है।
क्रिसिल रेटिंग्स ने कहा कि इससे चीनी के भंडार को अनुकूलित करने में मदद मिल सकती है। खास तौर पर इथेनॉल उत्पादन और निर्यात के लिए डायवर्सन पर सरकारी प्रतिबंध के कारण चालू सीजन के अंत में अपेक्षित उच्च कैरी-ओवर स्टॉक को देखते हुए।
इथेनॉल मिश्रण से कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईएसवाई 2021 के बाद से प्रत्येक सीजन में इथेनॉल मिश्रण दर में लगातार 200-300 आधार अंकों की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, इथेनॉल उत्पादन के लिए अनाज के इस्तेमाल को नियंत्रित नहीं किया जाता है। सरकार आने वाले वर्ष के लिए चीनी की मांग-आपूर्ति संतुलन के अनुमान के आधार पर गन्ने के इस्तेमाल की मात्रा निर्धारित करती है।
क्रिसिल रेटिंग्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल की अनियमित बारिश से इस साल गन्ने के उत्पादन पर असर पड़ने की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है, "ईएसवाई 2024 में इथेनॉल मिश्रण में अभी भी 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। क्योंकि 40 प्रतिशत क्षमता विस्तार के कारण अनाज से निष्कर्षण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे गन्ने से कम उत्पादन की भरपाई हो जाएगी।"
क्रिसिल रेटिंग्स की निदेशक पूनम उपाध्याय ने कहा, "हालांकि, ईएसवाई 2025 तक 20 प्रतिशत मिश्रण लक्ष्य तक पहुंचने के लिए, 4 मिलियन (40 लाख) टन चीनी उत्पादन के लिए जरूरी गन्ने को इथेनॉल उत्पादन के लिए आवंटित करने पर विचार किया जा सकता है, जैसा कि सीजन 2023 में किया जाएगा।"
रिपोर्ट के अनुसार, सीजन 2025 में सकल चीनी उत्पादन 33.5 मिलियन टन होने की उम्मीद है, जबकि चीनी की खपत 29.5 मिलियन टन होगी। इसके अलावा, इस सीजन के आखिर तक चीनी का भंडार स्वस्थ होने का अनुमान है। इसलिए, इथेनॉल आपूर्ति (390 करोड़ लीटर) के लिए 4 मिलियन टन चीनी उत्पादन के लिए आवश्यक मात्रा के बराबर गन्ने की अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है। जबकि शेष बड़ा हिस्सा अनाज आधारित मार्गों से हासिल किया जाएगा।
क्रिसिल रेटिंग्स के एसोसिएट डायरेक्टर अनिल मोरे ने कहा, "इथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने का ज्यादा इस्तेमाल चीनी भंडार को अनुकूलित करने में भी मदद करेगा। जो इस सीजन के आखिर तक लगभग चार महीने की खपत (8 मिलियन टन) तक बढ़ने का अनुमान है। इसके अलावा, यह चीनी मिलों के नकदी प्रवाह को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है और उन्हें समय पर किसानों को गन्ना बकाया भुगतान करने में मदद कर सकता है।"
हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले सीजन में अनुमत गन्ने की मात्रा और अनाज आधारित फीडस्टॉक की उपलब्धता और कीमतों पर नीति की निगरानी की जानी चाहिए।