सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एन्हांसमेंट (पीएम ई-ड्राइव) योजना पर फैसला लिया गया।
योजना 24.79 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन, 3.16 लाख ई-तीन पहिया वाहन और 14,028 ई-बसों को सपोर्ट करेगी।
वैष्णव ने कहा कि पीएम ई-ड्राइव योजना 88,500 चार्जिंग साइटों को भी सपोर्ट करेगी।
नई योजना इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों, इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहनों, ई-एम्बुलेंस, ई-ट्रक और अन्य उभरते इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए 3,679 करोड़ रुपये मूल्य की सब्सिडी/मांग प्रोत्साहन (डिमांड इंसेंटिव) प्रदान करती है।
राज्य परिवहन उपक्रमों और सार्वजनिक परिवहन एजेंसियों द्वारा 14,028 ई-बसों की खरीद के लिए 4,391 करोड़ रुपये का भी प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा, ई-एम्बुलेंस की तैनाती के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह सरकार की एक नई पहल है जिसका मकसद आरामदायक मरीज परिवहन (पेशेंट ट्रांसपोर्टेशन) के लिए ई-एम्बुलेंस के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
ई-ट्रक अपनाने के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
फास्टर अडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ (हाइब्रिड एंड) इलेक्ट्रिक व्हीकल (FAME) योजना अप्रैल 2015 में शुरू की गई थी।