भारतीय न्याय संहिता के तहत नए हिट-एंड-रन कानूनों के खिलाफ ट्रक चालकों के हालिया विरोध प्रदर्शन ने देश भर में ईंधन की कमी को लेकर आशंका पैदा की है। जिससे कई लोग पेट्रोल पंपों पर टैंकर भरने के लिए दौड़ लगा रहे हैं।
चूंकि कई प्रमुख शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी रहती हैं, इसलिए घर-घर पेट्रोल और डीजल की डिलीवरी एक आकर्षक विकल्प हो सकता है। यदि आप लंबी सड़क यात्रा की योजना बना रहे हैं या किसी आपात स्थिति में फंस गए हैं, तो ये प्लेटफॉर्म आपकी बड़ी मदद कर सकते हैं।
अभी भारत में ईंधन डिलीवरी एप ज्यादा नहीं हैं। लेकिन व्यावसायिक वाहनों और व्यापार प्रतिष्ठानों के लिए लाइसेंसधारी विक्रेताओं जैसे इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम द्वारा घर-पर-पेट्रोल और डीजल डिलीवरी का ऑप्शन उपलब्ध है।
ईंधन डिलीवरी का बाजार अभी भी भारत में बढ़ रहा है, और कई स्टार्टअप कंपनियां इस विचार को तलाश रही हैं। आइए देखें कि घर-पर-पेट्रोल डिलीवरी कैसे काम करती है, और ऑनलाइन पेट्रोल और डीजल ऑर्डर करने का क्या तरीका है।
फ्यूल डिलीवरी एप कैसे काम करते हैं
भारत में, ईंधन डिलीवरी ऐप्स को इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल विपणन कंपनियों के साथ साझेदारी करनी पड़ती है, क्योंकि व्यक्तिगत और गैर-पंजीकृत मालिकों को भारत में ईंधन ट्रांसपोर्ट और डिलीवर करने की इजाजत नहीं है।
आपको बस अपने पसंद के प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर करना है, अपना स्थान और जो ईंधन चाहिए उसका टाइप बताना है, और कीमत की पुष्टि करनी है। फिलहाल, ईंधन की घर-पर डिलीवरी की सर्विस सिर्फ प्रमुख महानगरों में ही उपलब्ध है।
ये हैं पॉपुलर फ्यूल डिलीवरी प्लेटफॉर्म
इंडियन ऑयल की सर्विस Fuel@Call (फ्यूल@कॉल) औद्योगिक और वाणिज्यिक ग्राहकों के लिए उपलब्ध है, और उपभोक्ताओं को इंडियन ऑयल द्वारा प्रदान किए गए पेट्रोल और डीजल वितरित करने वाले प्लेटफार्मों के संपर्क में रखने के लिए क्लाउड-आधारित टेक्नोलॉजी के जरिए काम करती है।
FuelBuddy (फ्यूलबडी), Hamsafar (हमसफर), PepFuels (पेपफ्यूल्स) और Repos Energy (रिपोज एनर्जी) जैसी स्टार्टअप कंपनियां इस समय भारत में ईंधन डिलीवरी सर्विस प्रदान करती हैं, लेकिन मुख्य रूप से दिल्ली, मुंबई और बंगलूरू में।