फोर्ड मोटर कंपनी तीन साल पहले बाजार से बाहर निकलने के बाद भारत के तमिलनाडु में परिचालन फिर से शुरू करने की योजना बना रही है। कंपनी का लक्ष्य निर्यात के लिए स्थानीय विनिर्माण विशेषज्ञता का लाभ उठाना है। जिससे अगले तीन वर्षों में संभावित रूप से 2,500 से 3,000 नौकरियां पैदा होंगी।
तीन साल के अंतराल के बाद, Ford Motor Company (फोर्ड मोटर कंपनी) तमिलनाडु के बाजार में फिर से प्रवेश करने का इरादा रखती है, जो एक्सपोर्ट मैन्युफेक्चरिंग (निर्यात विनिर्माण) पर केंद्रित है। इस पहल से हजारों रोजगार पैदा हो सकते हैं। और यह फोर्ड की क्षेत्रीय विशेषज्ञता का लाभ उठाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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अमेरिकी कार निर्माता फोर्ड ने शुक्रवार को तमिलनाडु में अपने मैन्युफेक्चरिंग प्लांट (विनिर्माण संयंत्र) में परिचालन फिर से शुरू करने की अपनी मंशा का एलान किया। फोर्ड के अंतर्राष्ट्रीय बाजार समूह की अध्यक्ष के हार्ट ने लिंक्डइन पोस्ट के जरिए यह खबर साझा की। जहां उन्होंने बताया कि कंपनी ने तमिलनाडु सरकार को एक आशय पत्र (एलओआई) पेश किया है। जिसमें निर्यात-केंद्रित विनिर्माण के लिए अपनी चेन्नई प्लांट का फिर से इस्तेमाल करने की योजना की रूपरेखा दी गई है।
यह फैसला फोर्ड मोटर कंपनी और तमिलनाडु सरकार के बीच कई उच्च स्तरीय चर्चाओं के बाद लिया गया है। जिसमें हार्ट और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के बीच हाल ही में संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा के दौरान हुई बैठक भी शामिल है। हार्ट ने सरकार द्वारा दिए गए समर्थन के लिए आभार जताया। क्योंकि कंपनी ने प्लांट के भविष्य के इस्तेमाल के लिए विभिन्न विकल्पों की खोज की है। उन्होंने कहा कि फोर्ड नए वैश्विक बाजारों में आपूर्ति के लिए तमिलनाडु की मैन्युफेक्चरिंग विशेषज्ञता का लाभ उठाने का इरादा रखता है।
हार्ट ने पोस्ट में लिखा, "मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि आज हम घोषणा कर रहे हैं कि हमने भारत में तमिलनाडु सरकार को एक आशय पत्र (LOI) पेश किया है। जिसमें निर्यात के लिए विनिर्माण के लिए हमारे चेन्नई संयंत्र का उपयोग करने के फोर्ड के इरादे को रेखांकित किया गया है। यह निर्णय तमिलनाडु सरकार के साथ कई बैठकों के बाद लिया गया है, जिसमें पिछले सप्ताह तमिलनाडु सरकार के मुख्यमंत्री के साथ उनकी संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा के दौरान हुई एक बैठक भी शामिल है। हम उनके निरंतर समर्थन की सराहना करते हैं, क्योंकि हमने संयंत्र के लिए विभिन्न विकल्पों की खोज की है।"
Ford Car
- फोटो : Ford
उन्होंने आगे कहा, "यह कदम भारत के प्रति हमारी निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। क्योंकि हम नए वैश्विक बाजारों की सेवा के लिए तमिलनाडु में उपलब्ध विनिर्माण विशेषज्ञता का लाभ उठाने का इरादा रखते हैं। मुझे पता है कि लोग उत्सुक होंगे, लेकिन हमारे पास विनिर्माण के प्रकार और हम किन निर्यात बाजारों पर ध्यान केंद्रित करेंगे, इसके बारे में और अधिक जानकारी साझा करने के लिए समय आने पर अन्य डिटेल्स होंगे।"
उन्होंने कहा, "अभी के लिए, मैं उत्साहित हूं कि यह फैसला चेन्नई में हमारे बढ़ते कर्मचारी आधार में इजाफा करेगा; वहां स्थित हमारी वैश्विक फोर्ड बिजनेस सॉल्यूशन टीम पहले से ही 12,000 से ज्यादा लोगों की है। और हम अगले कुछ वर्षों में इसमें 2,500 से 3,000 और लोगों को जोड़ने की योजना बना रहे हैं। जब आप साणंद में हमारी इंजन निर्माण टीम और हमारी मौजूदा ग्राहक और डीलर सपोर्ट टीम को जोड़ते हैं, तो भारत दुनिया भर में फोर्ड का दूसरा सबसे बड़ा कर्मचारी आधार है।"
Ford Electric Car
- फोटो : Ford
एशियाई निर्माताओं के वर्चस्व वाले बाजार में बिक्री बढ़ाने में चुनौतियों के कारण फोर्ड ने 2021 में भारत में घरेलू उत्पादन बंद कर दिया था।
हालांकि फोर्ड ने सनंद, गुजरात में स्थित अपने वाहन विनिर्माण संयंत्र को सफलतापूर्वक बेच दिया। लेकिन यह 2022 की दूसरी तिमाही की निर्धारित समय सीमा तक चेन्नई में अपने वाहन और इंजन विनिर्माण संचालन का बंद होना पूरा नहीं कर सका। जिससे वह प्रभावी रूप से भारतीय बाजार से बाहर निकल गई, जो वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। हालांकि, इस नई घोषणा के साथ, फोर्ड का लक्ष्य निर्यात के जरिए बाजार में फिर से प्रवेश करना है।
फोर्ड की चेन्नई सुविधा पहले कंपनी के लिए एक प्रमुख उत्पादन केंद्र थी, जहां कारों और इंजनों दोनों का निर्माण होता था। हालांकि, प्लांट का पुनरुद्धार अब वैश्विक बाजारों पर केंद्रित होगा, क्योंकि फोर्ड निर्यात उद्देश्यों के लिए भारत की प्रतिस्पर्धी विनिर्माण क्षमताओं का लाभ उठाने की अपनी रणनीति पर काम कर रहा है। हालांकि उत्पादित किए जाने वाले मॉडलों और लक्षित निर्यात बाजारों के बारे में विशिष्ट जानकारी अभी गुप्त रखे गए हैं। हार्ट ने आश्वासन दिया कि आगे की घोषणाएं उचित समय पर की जाएंगी।