जांच अगस्त 1 को इंचियोन शहर में एक मर्सिडीज-बेंज इलेक्ट्रिक वाहन में आग लगने के बाद हुई। जिससे लगभग 140 कारें नष्ट हो गईं या क्षतिग्रस्त हो गईं। और ऊपर के अपार्टमेंट्स में रहने वाले कुछ निवासियों को आश्रय स्थलों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
मर्सिडीज-बेंज कोरिया ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। कंपनी ने पहले कहा था कि वह आग लगने का कारण निर्धारित करने के लिए अधिकारियों के साथ सहयोग कर रही है। और ईवी मालिकों के लिए नि:शुल्क निरीक्षण की पेशकश करने की योजना बना रही है।
कोरिया इकोनॉमिक डेली ने इस मामले में पहली बार जांच की सूचना दी थी। उसने कहा है कि नियामक यह जांच करेगा कि क्या कंपनी ने अपने वाहन बैटरी आपूर्तिकर्ताओं को लेकर उपभोक्ताओं को गुमराह किया है।
आग लगने वाली Mercedes EQE (मर्सिडीज ईक्यूई) गाड़ी में चीन के फारासिस एनर्जी द्वारा आपूर्ति की गई बैटरी का इस्तेमाल किया गया था।
2022 में, एक मर्सिडीज बेंज अधिकारी ने दक्षिण कोरियाई मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि दुनिया की अग्रणी बैटरी फर्मों में से एक चीन की CATL (सीएटीएल), अपने ईक्यूई इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी की आपूर्ति करेगी।
मर्सिडीज कोरिया ने इस साल अगस्त में खुलासा किया कि इसके चार ईक्यूई वर्जन में से तीन में फारासिस बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है। जबकि ईक्यूई 300 मॉडल में सीएटीएल बैटरी होती है।