Mahindra E20 (महिंद्रा E20) छोटी इलेक्ट्रिक हैचबैक भले ही अब बिक्री नहीं की जाती है, लेकिन यह कार फिर से सुर्खियों में आ गई है। बंगलूरु में भीषण आग में एक महिंद्रा E20 पूरी तरह नष्ट हो गई। इस घटना के वीडियो वायरल हो गए क्योंकि लोगों ने इसे ऑनलाइन साझा किए। वीडियो से पता चलता है कि छोटी इलेक्ट्रिक कार पूरी तरह से आग की चपेट में आ गई। यह साफ नहीं है कि आग लगने की घटना के कारण कोई घायल हुआ है या नहीं। साथ ही आग लगने का कारणों का भी पता नहीं चल पाया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर साझा की गई एक क्लिप में देखा जा सकता है कि महिंद्रा ई20 इलेक्ट्रिक हैचबैक से धुएं का गुबार निकलता है। वीडियो में एक पुलिस अधिकारी को घटना की रिकॉर्डिंग कर रहे लोगों को जलते हुए वाहन के पास जाने से रोकने की कोशिश करते हुए भी देखा गया है।
यह पहली बार नहीं है जब भारत में किसी इलेक्ट्रिक कार में आग लगी हो। पिछले कुछ वर्षों में, जैसे-जैसे देश भर में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, ईवी में आग लगने की घटनाओं की संख्या भी बढ़ी है। न सिर्फ इलेक्ट्रिक कारें बल्कि इलेक्ट्रिक स्कूटर भी ऐसी आग की घटनाओं में शामिल रहे हैं।
इलेक्ट्रिक वाहन पेट्रोल या डीजल जैसे अत्यधिक दहनशील ईंधन पर नहीं चल सकते हैं, लेकिन इन स्वच्छ ऊर्जा वाहनों में भी आग लगने का खतरा होता है। हालांकि, फॉसिल फयूल (जीवाश्म ईंधन) से चलने वाले वाहन की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहन में आग लगने का जोखिम काफी कम होता है। दूसरी ओर, ईवी आग की तीव्रता इतनी ज्यादा होती है कि इन मामलों में आग को बुझाना बहुत मुश्किल होता है।
ईवी में आग लगने की घटनाएं मुख्य रूप से हाई एनर्जी डेंसिटी (उच्च ऊर्जा घनत्व वाले) बैटरी पैक के कारण होती हैं, जो एक कॉम्पैक्ट जगह में रखे जाते हैं और बड़ी मात्रा में एनर्जी को स्टोर करते हैं। थर्मल अक्षमता या यांत्रिक दोषों के कारण इलेक्ट्रिक वाहन में विनाशकारी आग लग सकती है। यदि बैटरी पैक क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो एक इंटरनल शॉर्ट सर्किट एक चेन रिएक्शन को ट्रिगर कर सकता है, जिसे थर्मल रनवे के रूप में जाना जाता है। इससे आग लगने की घटनाएं होती हैं।