यूरोपीय संघ के सांसदों ने 'यूरो 7' कानून के एक संशोधित संस्करण को मंजूरी दे दी। जिसका मकसद इंटरनल कंब्शन इंजन (आईसीई) कारों और ट्रकों से हानिकारक उत्सर्जन को रेगुलेट (विनियमित) करना है। हाल ही में मीडिया रिपोर्ट से इसकी जानकारी मिली है। बातचीत के बाद लिए गए, इस फैसले से प्रस्तावित नियमों को कमजोर कर दिया गया है।
यूरोपीय आयोग की शुरुआती योजना में आईसीई वाहनों से निकलने वाले प्रदूषकों पर कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। जिसमें लागत से ज्यादा स्वास्थ्य संबंधी फायदों पर जोर दिया गया था।
हालांकि, कानून को अंतिम रूप देने के लिए जिम्मेदार यूरोपीय संघ के सदस्यों ने नियमों को नरम बनाने पर सहमति दे दी।
यूरोपीय संसद ने नाइट्रस ऑक्साइड, पार्टिकुलेट मैटर और कार्बन मोनोऑक्साइड सहित कारों के लिए प्रदूषण सीमा बनाए रखने के लिए मतदान करते हुए अपने रुख का समर्थन किया। फिर भी, उन्होंने ट्रकों के लिए नाइट्रस ऑक्साइड प्रतिबंधों में ढील दी और कार्यान्वयन की समयसीमा बढ़ा दी। कारों के लिए, नियम संबंधित माध्यमिक कानून पारित होने के तीन साल बाद लागू होंगे, जो आयोग की वांछित 2025 शुरुआत के विपरीत है।
car pollution
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यूरोपीय संघ संसद के एक प्रमुख व्यक्ति एलेक्जेंडर वोंद्रा ने आयोग के प्रस्ताव को 'संवेदनहीन' करार दिया और निर्णय से आए महत्वपूर्ण बदलावों पर रोशनी डाली। दक्षिणपंथी यूरोपीय रूढ़िवादी और सुधारवादी समूह का प्रतिनिधित्व करने वाले वोंद्रा ने मोटर चालकों के लिए संतुष्टि जताई। और इसे ग्रीन और सोशलिस्ट सांसदों सहित सख्त नियमों के समर्थकों के लिए एक झटका माना।
नीति में यह बदलाव कार निर्माताओं और इटली और चेक गणराज्य जैसे देशों की चिंताओं के बाद आया है। जिन्होंने तर्क दिया था कि ओरिजिनल नियम बहुत ज्यादा महंगे साबित होंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि आईसीई कारों के पर्यावरणीय प्रभाव को बढ़ाने के बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों में निवेश पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। खासतौर पर 2035 तक नई CO2 उत्सर्जित कारों की बिक्री बंद करने की यूरोपीय संघ की समय सीमा पर विचार करना चाहिए।
less pollution from car
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हालांकि, इस फैसले को ग्रीन सांसदों की आलोचना का सामना करना पड़ा। जिन्होंने इसे यूरोप में वाहन प्रदूषण के कारण समय से पहले होने वाली मौतों की महत्वपूर्ण संख्या के समाधान का मौका चूक गए। ग्रीन ईयू कानूनविद् बास ईखौट ने अफसोस जताया कि ईयू इन नियमों को कमजोर करके ग्रीन टेक्नोलॉजी में नेतृत्व करने का मौका खो रहा है।
सितंबर में, यूरोपीय संघ के देश भी कार्यान्वयन की समयसीमा बढ़ाकर आयोग के प्रस्ताव को कमजोर करने पर सहमत हुए।