मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टैक्स बेनिफिट्स (कर लाभ) हटाने के बाद ईवी डीलरशिप पर इन्वेंट्री बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली ईवी नीति समाप्त होने के बाद ईवी की बिक्री प्रभावित हुई है। यह बात ऑटो डीलर्स बॉडी फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के सूत्रों के हवाले से बताया गया है। दिल्ली ईवी नीति बेनिफिट्स की वापसी का मतलब है कि इलेक्ट्रिक वाहन घर ले जाने के लिए 10 प्रतिशत रोड टैक्स देना होगा, जो पहले माफ कर दिया गया था।
रिपोर्ट में सूत्रों के अनुसार, डीलर्स बॉडी और अन्य हितधारक राज्य सरकार के अधिकारियों से समाधान मांगने के लिए मुलाकात करने की योजना बना रहे हैं। रिपोर्ट का दावा है कि सितंबर के पहले कुछ दिनों में ईवी की बिक्री में 'काफी' गिरावट आई है। सूत्रों में से एक ने कहा, "राज्य सरकार को ईवी पर रोड टैक्स छूट के विस्तार पर फैसला लेना था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, भले ही लाभ हासिल करने वाले वाहनों की संख्या पर सीमा तक नहीं पहुंची है। अगर मामले का जल्द समाधान नहीं हुआ तो अब तक हासिल हुए फायदों पर पानी फिर जाएगा।"
सबसे ज्यादा ईवी बिक्री वाले शहरों में दिल्ली का दूसरा स्थान
दिल्ली भारत के शहरों में सबसे अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री की सूची में दूसरे स्थान पर है। 2023 में, दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के कुल 8,211 पंजीकरण देखे गए, जबकि बंगलूरू ने 8,690 ईवी बिक्री के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। इस साल जनवरी से मई के बीच, दिल्ली में सिर्फ 4,016 ईवी बिके हैं। क्योंकि सेगमेंट में कुल बिक्री में गिरावट आई है।