अगर आप कोलकाता में ऐसी गाड़ी चला रहे हैं जिस पर आपत्तिजनक और अपमानजनक संदेश चिपका हुआ है, तो कानून का सामना करने के लिए तैयार रहें। कोलकाता पुलिस ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में वाहन मालिकों को अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स (जिसे पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था) पर एक संदेश के जरिए यह चेतावनी जारी की है। कोलकाता पुलिस ने उदाहरण के साथ यह भी दिखाया कि 'आपत्तिजनक, अश्लील, अपमानजनक संदेश, पोस्टर या तस्वीरें' से उनका क्या मतलब है। पुलिस ने कहा कि उल्लंघन करने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम या हाल ही में शुरू की गई भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है।
कोलकाता पुलिस ने एक कार की तस्वीर X पर शेयर की जिसमें एक संदेश लिखा था। जिसके बारे में कहा गया कि यह कानून के तहत यातायात नियमों के खिलाफ है और इससे मानहानि का मामला भी बन सकता है। एक ह्यूंदै कार की पिछली विंडस्क्रीन पर लिखा था, 'सांप पर भरोसा करो, लड़की पर नहीं'। पुलिस विभाग के अनुसार, शहर में कई वाहनों पर अक्सर ऐसे स्टिकर लगे देखे जाते हैं जो जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं। निजी वाहन मालिकों के अलावा, कोलकाता पुलिस ने बसों और ट्रकों जैसे सार्वजनिक परिवहन वाहनों को भी ऐसे स्टिकर या संदेश चिपकाने से रोकने की चेतावनी दी है।
कोलकाता पुलिस ने कहा कि उस ह्यूंदै कार मालिक को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 356(i) के तहत मानहानि के मामले से बचने के लिए स्टिकर हटाने के लिए कहा गया था। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया, "अश्लील, अपमानजनक संदेश, पोस्टर और तस्वीरें प्रदर्शित करना जो किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं या जाति और धर्म से संबंधित हैं, इसकी मोटर वाहन अधिनियम के तहत अनुमति नहीं है।"
गाड़ी पर आपत्तिजनक स्टिकर? मोटर वाहन अधिनियम क्या कहता है
मोटर वाहन अधिनियम के तहत, कार या दोपहिया वाहन पर कहीं भी कोई स्टिकर या संदेश या कोई अन्य चीज नहीं लिखी जा सकती है, जिसमें रजिस्ट्रेशन प्लेट भी शामिल है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 179 (1) वाहनों पर जाति और धर्म विशिष्ट स्टिकर और लेखन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाती है।
कोलकाता पुलिस ने कहा कि उस ह्यूंदै कार पर लगे स्टिकर ने उनके एक ट्रैफिक पुलिस अधिकारी का ध्यान खींचा। पहले तो उन्हें लगा कि यह हास्यपूर्ण है। लेकिन बाद में यह द्वेष और महिला-विरोधी भी लगा। कोलकाता पुलिस के संपर्क में आने पर कार मालिक ने स्टिकर हटा दिया। पुलिस ने कहा कि वाहन मालिक स्टिकर हटाने की उनकी मंशा को समझ गया और उसने पालन किया।
पिछले साल अगस्त में उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी इसी तरह की कार्रवाई की थी जब अधिकारियों ने वाहनों पर जाति और धार्मिक स्टिकर लगाने पर कार मालिकों पर जुर्माना लगाना शुरू किया था। उत्तर प्रदेश में अपनी कारों पर जाति और धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल करने वाले कार मालिकों पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है।