अगर आप किसी फ्यूल वाली कार को खरीदने का विचार कर रहे हैं तो इस आर्टिकल से आपका काम आसान हो जाएगा। दरअसल, काफी लोगों को इस बात की दुविधा रहती है कि पेट्रोल वाली कार खरीदें या फिर डीजल कार। अगर आप इन दिनों इस तरह की उलझन में फंसे हुए हैं तो आगे खबर में जानिए डीजल कार के क्या फायदे और नुकसान हैं। इसके बाद आपको कई सवालों के जवाब स्पष्ट हो जाएंगे।
डीजल कार के फायदे
- अगर आप डीजल कार खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो आपको बता दें कि डीजल कार में माइलेज काफी बढ़िया मिलती है। अगर आपको माइलेज की भी चिंता रहती है तो फिर डीजल कार बेहतर विकल्प हो सकता है। डीजल कार में पेट्रोल की तुलना में बेहतर माइलेज मिलती है।
- इसके साथ ही डीजल का दाम पेट्रोल के मुकाबले थोड़ा कम होता है। ऐसे में अगर आप इनमें से किसी एक का चुनाव करना चाहते हैं तो डीजल कार एक अच्छा विकल्प है। अगर आप अक्सर लंबे सफर पर जाते हैं तो डीजल कार सही विकल्प साबित हो सकता है। इस वजह से डीजल कार लोगों को ज्यादा लुभाती हैं।
- अगर आप नहीं जानते हैं तो आपको बता दें कि डीजल कारों में स्पार्क प्लग नहीं होता है। ऐसे में डीजल कारों को नियमित समय पर ट्यून-अप कराने की जरूरत नहीं होती है। हालांकि, इसके बाद भी थोड़े-थोड़े समय पर डीजल कार को मेंटनेंस और सर्वसिंग की जरूरत होती है, ताकि कार की लाइफ बढ़ाई जा सकी।
डीजल कार के नुकसान
- डीजल कार में भले ही स्पार्क प्लग नहीं होते हैं, मगर फिर भी कार की लाइफ बढ़ाने के लिए गाड़ी को नियमित अंतराल पर सर्विस और रखरखाव की आवश्यकता होती है। अगर लंबे समय तक डीजल कारों में सर्विस नहीं कराई गई तो इससे कार के फिल्टर्स में दिक्कत आ सकती है। जैसे- एयर फिल्टर और इंजन ऑयल फिल्टर को सही वक्त पर बदलना जरूरी है।
- डीजल के दाम पर नजर डालेंगे तो पाएंगे कि बाजार में डीजल की कीमत लगभग पेट्रोल के दाम के बराबर ही है। कई राज्यों में डीजल का दाम पेट्रोल की कीमत से थोड़ा ही कम है। बीते कुछ सालों में डीजल का दाम काफी तेजी से बढ़ा है। इसके पीछे एक वजह है कि अधिकतर वाहनों जैसे- बस, ट्रक और अन्य गाड़ियों में डीजल का इस्तेमाल ज्यादा होता है। जब डीजल का इस्तेमाल ज्यादा होगा तो इससे कीमत भी बढ़ती है।