उन्होंने कहा, "ट्रायल रन दो रूटों पर शुरू हो गया है - मजलिस पार्क से प्रधान एन्क्लेव और अक्षरधाम से मयूर विहार फेज III. ट्रायल एक हफ्ते तक चलेगा और सीखने और फीडबैक के आधार पर हम दो से तीन हफ्तों में इस योजना को लागू कर देंगे।"
गहलोत ने कहा कि इस बस सेवा का लक्ष्य राष्ट्रीय राजधानी में अंतिम छोर तक संपर्क की समस्या का समाधान करना है।
2025 के आखिर तक दिल्ली में 10,480 बसों का बेड़ा रखने का लक्ष्य है, जिनमें से 80 प्रतिशत इलेक्ट्रिक बसें होंगी। जिससे शहर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में खासा इजाफा होगा।