इलेक्ट्रिक वाहन की दिग्गज कंपनी Tesla Inc (टेस्ला इंक) इस साल भारत से करीब 1.7 से 1.9 अरब डॉलर (14,100 करोड़ से 15,700 करोड़ रुपये) तक के ऑटो कंपोनेंट्स खरीदने की योजना बना रही है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को नई दिल्ली में एक ऑटो सम्मेलन में यह जानकारी दी। गोयल ने कहा कि टेस्ला ने पिछले साल भी भारत से करीब 1 अरब डॉलर के ऑटो पार्ट्स खरीदे थे और इस साल टेस्ला को किया जाने वाला निर्यात करीब दोगुना हो सकता है।
केंद्रीय मंत्री ने ऑटोमोटिव कॉम्पोनेंट मैन्युफैक्चर्रस एसोसिएशन (ACMA) के सालाना बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि टेस्ला द्वारा किया जाने वाला इंपोर्ट पिछले साल के मुकाबले दोगुना रहने वाला है। गोयल ने कहा, "टेस्ला ने पिछले साल पहले ही भारत से 1 अरब डॉलर के कंपोनेंट खरीदे थे। इस साल उनका लक्ष्य 1.7-1.9 अरब डॉलर का है।"
देश के जीडीपी में 2.3 फीसदी योगदान स्थानीय ऑटो कॉम्पोनेंट्स इंडस्ट्री का है। सरकार ने साल 2025 तक देश की ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री को दुनिया में तीसरी सबसे बड़ा बनाने का लक्ष्य रखा है।
गोयल ने कहा कि 2030 तक उपभोक्ताओं के लिए इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने के लिए एक मजबूर आर्थिक स्थिति होगी और यूरोपीय संघ के साथ बातचीत "अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है" यह समझने के लिए कि कार्बन सीमा कर भारतीय विनिर्माण को कैसे प्रभावित करेगा।
पिछले महीने रॉयटर्स ने बताया कि टेस्ला के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंत्री से मुलाकात की, जिसमें भारत में एक फैक्ट्री बनाने में रुचि थी, जो 24,000 डॉलर (करीब 20 लाख रुपये) की कीमत वाला एक कम लागत वाला इलेक्ट्रिक वाहन (EV) का उत्पादन करेगा, जो टेस्ला के मौजूदा एंट्री-लेवल मॉडल की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत सस्ता है। यह भारतीय बाजार और निर्यात दोनों के लिए होगा।