अगर आप पुरानी सीएनजी कार खरीदने जा रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि कार के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी आरसी पर सीएनजी लिखा होना चाहिए। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सीएनजी कार में कंप्लायंस प्लेट काफी जरूरी होती है, ये प्लेट सीएनजी नोजल के पास मिलेगी। इसी प्लेट पर गाड़ी का नंबर, इंस्टॉलेशन डेट, लास्ट डेट आदि की जानकारी लिखी होती है।
वहीं, अगर आप नई सीएनजी कार लेने की सोच रहे हैं तो गाड़ी के सीएनजी सिलेंडर की टेस्टिंग हर तीन साल बाद जरूर करवाएं। इस दौरान सिलेंडर की हाइड्रो टेस्टिंग करवाई जाती है। हाइड्रो टेस्टिंग सीएनजी कार के सिलेंडर के लिए जरूरी होती है, इस टेस्ट के जरिए ये पता लगाया जाता है कि क्या तीन साल बाद सिलेंडर का इस्तेमाल करना सुरक्षित है या नहीं। कार की सेफ्टी के लिए इस टेस्ट में पास होना जरूरी है, अगर हाइड्रो टेस्टिंग में सिलेंडर पास नहीं होता है तो फिर सिलेंडर को अनफिट घोषित कर दिया जाता है। ऐसे में सिलेंडर का इस्तेमाल करना काफी जानलेवा साबित हो सकता है, क्योंकि सिलेंडर कभी भी ब्लास्ट हो सकता है।
सीएनजी सिलेंडर की टेस्टिंग के लिए उसके ऊपर तेजी से पानी छोड़ा जाता है, अगर सिलेंडर पानी का प्रेशर सहन कर गया और ब्लास्ट नहीं हुआ तो सिलेंडर ठीक है। वहीं, अगर कोई सीएनजी सिलेंडर की टेस्टिंग नहीं करवाता है और कोई हादसा होता है तो बीमा के लिए क्लेम नहीं मिलेगा।