कार चलाने के लिए क्लच का उपयोग काफी महत्वपूर्ण होता है। अगर किसी कारण से क्लच में खराबी आ जाए तो फिर कार को चलाना काफी मुश्किल हो सकता है। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि कार का क्लच किन कारणों से टाइट हो जाता है साथ ही इसे किस तरह ठीक किया जा सकता है।
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- फोटो : सोशल मीडिया
क्यों जरूरी है क्लच
किसी भी कार में क्लच का उपयोग काफी जरूरी होता है। अगर क्लच खराब हो जाए तो फिर कार को चलाया नहीं जा सकता। कई बार तो कार एक ही जगह पर खड़ी भी हो जाती है। इसका उपयोग इंजन को मिलने वाली पावर को कट करना और गियर लगाने में मदद करना होता है, जिससे कार को चलाया जाता है।
पिवट बॉल खराब होना
क्लच को सही तरह से काम करने के लिए पिवट बॉल का उपयोग किया जाता है। जब भी क्लच का उपयोग किया जाता है तो यही पिवट बॉल इसे चलाने में मदद करती है। कार के ज्यादा उपयोग और कार के ज्यादा पुरानी होने के साथ ही कई पार्ट्स घिस जाते हैं। इसी तरह पिवट बॉल भी समय के साथ खराब हो जाती है तो क्लच टाइट होने लगता है।
क्लच, ब्रेक और एक्सीलेरेटर का रखें ध्यान
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क्रॉस शिफ्ट खराब होना
कार के ट्रांसमिशन में ही एक लीवर होता है जिसे क्रॉस शिफ्ट कहा जाता है। इसका काम क्लच पर आए हुए दबाव को ट्रांसफर करना होता है। लेकिन अगर यह एक बार खराब हो जाए तो क्लच टाइट हो जाता है और इसे दबाने के लिए ज्यादा ताकत का उपयोग करना पड़ता है।
क्लच प्लेट खराब होना
कार के हर हिस्से की एक उम्र होती है। समय के साथ अगर उन्हें ना बदला जाए तो फिर परेशानी आने लगती है। ऐसे ही अगर कार की क्लच प्लेट खराब हो जाए तो फिर क्लच काफी ज्यादा टाइट हो जाता है। आमतौर पर किसी भी कार को 50 से 60 हजार किलोमीटर चलाने के बाद क्लच टाइट हो जाता है। लेकिन ड्राइवर के चलाने के तरीके पर भी यह काफी हद तक निर्भर करता है।
कैसे होगा ठीक
अगर आपकी कार में क्लच पैडल काफी टाइट हो गया है तो इसकी केबल या लिंकेज को खुद से ही सेट किया जा सकता है। लेकिन अगर कार के क्चल पैडल में लगी केबल सही है तो फिर पिवट बॉल, क्रॉस शिफ्ट या पूरी क्लच प्लेट को ठीक करने या बदलने के लिए किसी अच्छे मेकैनिक के पास जाकर ठीक करवाना सही रहता है।