चीन सरकार ने शुक्रवार को विश्व व्यापार संगठन (WTO) में यूरोपीय संघ द्वारा चीन में निर्मित इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगाए गए शुल्क के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि चीन ने "इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के विकास अधिकारों और हितों तथा वैश्विक हरित परिवर्तन पर सहयोग की रक्षा" के लिए WTO विवाद निपटान तंत्र का सहारा लिया है।
यूरोपीय संघ ने चीन में बने ईवी पर 37.6 प्रतिशत तक के अस्थायी शुल्क लगाए हैं, यह कहते हुए कि इन्हें सरकारी सब्सिडी से अनुचित फायदा मिलता है। चीन का कहना है कि ईवी उद्योग के लिए उसका समर्थन WTO नियमों के मुताबिक है। गौरतलब है कि अमेरिका और तुर्की सहित अन्य देशों ने भी इस साल चीनी वाहनों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है।
दोनों पक्षों के पास अपने मतभेदों को सुलझाने के लिए नवंबर की शुरुआत तक का समय है, जिसके बाद अस्थायी शुल्क आधिकारिक हो जाएंगे।
एक उद्योग संघ ने शुक्रवार को बताया कि चीन का ऑटो निर्यात जुलाई में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में बढ़ा है। जबकि घरेलू बिक्री में गिरावट आई है।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि यूरोपीय संघ का शुल्क WTO नियमों का उल्लंघन करता है। और जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक सहयोग को कमजोर करता है।
जवाब में, चीन ने फ्रांसीसी कॉग्नेक निर्यात और यूरोपीय सूअर के मांस पर जांच शुरू की है। जिससे कुछ विश्लेषकों को डर है कि यह यूरोपीय संघ के साथ आर्थिक रूप से हानिकारक व्यापार युद्ध (ट्रेड वार) का रूप ले सकता है।
यह एक व्यापक वैश्विक व्यापार विवाद का सिर्फ एक धागा है। अमेरिका ने चीनी ईवी आयात पर 100 प्रतिशत से ज्यादा का टैरिफ लगाया है। क्योंकि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं एक ऐसे उद्योग पर प्रतिस्पर्धा कर रही हैं, जो आंशिक रूप से बीजिंग की सब्सिडी के कारण तेजी से बढ़ा है।
हालांकि चीन में बने ईवी के खिलाफ दुनिया के कई देश लामबंद हो रहे हैं। हाल ही में, कनाडा के श्रमिक संघ यूनिफोर ने सरकार से सभी चीनी निर्मित इलेक्ट्रिक वाहनों, ईवी बैटरी और अन्य कंपोनेंट्स पर टैरिफ लगाने का आह्वान किया। जो संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा पहले से प्रस्तावित कुछ उपायों के मुताबिक है।
कनाडाई सरकार ने कहा है कि उसे "यह जोखिम दिखाई देता है कि अगर ईवी क्षेत्र के लिए चीन के अनुचित समर्थन को नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह आयात में तेजी से बढ़ोतरी का कारण बन सकता है। जो नियोजित ईवी निवेश और कनाडा के ऑटोमोटिव क्षेत्र के परिवर्तन को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करेगा।"