कार का बाहरी हिस्सा बारिश के पानी से खराब हो सकता है। आने वाले दिनों में बारिश का पानी काफी देर तक कार पर गिरेगा, ऐसे में कार के पेंट और उसकी चमक को बरकरार रखने के लिए एक छोटा सा तरीका अपना सकते हैं। दरअसल, कार के पेंट को सुरक्षित रखने के लिए वैक्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। मानसून के दौरान कार के बाहरी हिस्से पर वैक्स का इस्तेमाल करें, इससे पेंट की परत मजबूत रहेगी।
बारिश के दौरान ड्राइवर को देखने के लिए अच्छी विजिबिलिटी की जरूरत होती है। ऐसे में ड्राइवर का काम अच्छे वाइपर्स कर सकते हैं। अगर वाइपर्स सही है और ब्लैड सही से काम कर रहा है तो बारिश के पानी को आसानी से विंडशील्ड से हटाया जा सकता है। इससे ड्राइवर आसानी से आगे का रास्ता देख पाएगा।
जब भी बारिश हो रही होती है तो सड़कों पर बारिश का पानी भर जाता है। ऐसे में ड्राइवर को पता नहीं चलता है कि सड़क पर कहां गड्डा है और कहां पर सिर्फ पानी भरा है। ऐसे में अगर कार के टायरों में हवा का स्तर अच्छा है तो गाड़ी आराम से गड्डों को पार कर लेगी। ऐसे में बारिश के दौरान टायरों को सही स्थिति में रखें।
अक्सर लोग कार के ब्रेक पर ध्यान नहीं देते हैं। ऐसे में जब बारिश में ब्रेक की ज्यादा जरूरत होती है तो कई बार ब्रेक सही से काम नहीं करते हैं। बारिश के मौसम में ब्रेक में थोड़ी सी नमी आ जाती है, इस वजह से ब्रेक सही से दबते नहीं है। ऐसे में कार निकलाने से पहले ब्रेक की जांच जरूर करें।
बारिश के मौसम में कार के इलेक्ट्रिक उपकरणों का सही से काम करना जरूरी है। बरसात के दौरान दृश्यता घट जाती है, ऐसे में कार की हैडलाइट, टेललाइट और हैजर्ड लाइट का सही से काम करना काफी अहम है। इसके अलावा कार के सभी इंडीकेटर्स भी सही से काम करें, यह भी जरूरी है। ऐसे में कार निकालने से पहले एक बार इसकी जांच करें।