आपको जानकारी के लिए बता दें कि कार के इंजन के लिए अगर गलत इंजन ऑयल का इस्तेमाल किया गया तो कार की क्षमता के साथ-साथ गाड़ी की माइलेज पर भी बुरा असर पड़ता है। ऐसे में जब भी कार की सर्विस करवाने के लिए सर्विस सेंटर जाएं तो मैकेनिक से यह सवाल जरूर पूछे कि इंजन में कौन सा इंजन ऑयल डाल रहे हैं। यहां पर आपको बता दें कि इंजन ऑयल तीन तरह के होते हैं, इसमें मिनरल इंजन ऑयल, सेमी सिंथेटिक इंजन ऑयल और फुल सिंथेटिक इंजन ऑयल। मगर बेहद ही कम लोग जानते हैं कि कार के इंजन के लिए इन तीनों में से कौन सा इंजन ऑयल सबसे ज्यादा बेहतर होता है।
भारतीय बाजार में सबसे ज्यादा इस्तेमाल कि जाने वाला इंजन ऑयल मिनरल इंजन ऑयल है। इसकी पीछे की वजह साफ है। दरअसल, तीनों इंजन ऑयल में सबसे सस्ता इंजन ऑयल मिनरल इंजन ऑयल ही होता है। यह रिफाइन इंजन ऑयल होता है, जोकि अलग-अलग तापमान के हिसाब से काम करता है। यह इंजन ऑयल फ्रिक्शन की वजह से जो गर्मी पैदा होती है, उससे कार को सुरक्षित रखता है। ऐसे में इसका यूज काफी बड़े स्तर पर होता है।
कार बाजार में सेमी सिंथेटिक इंजन ऑयल का इस्तेमाल भी किया जाता है। मगर यह इंजन ऑयल मिनरल इंजन ऑयल के मुकाबले थोड़ा महंगा आता है। इस इंजन ऑयल की सबसे बड़ी खासियत है कि यह मिनरल इंजन ऑयल के मुकाबले कार के इंजन को तीन गुना सेफ्टी देता है। आपको यहां पर एक खास जानकारी दे दें कि सेमी सिंथेटिक इंजन ऑयल में मिनरल इंजन ऑयल की थोड़ी सी मात्रा को मिलाया जा सकता है। मगर ऐसा करने से कार की क्षमता बेहतर होती है। साथ ही इंजन ऑयल भी अच्छी क्षमता के साथ काम करता है। इस इंजन ऑयल का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ रहा है, क्योंकि इसकी कीमत ज्यादा नहीं होती है और इससे कार के इंजन ऑयल की क्षमता भी बढ़ती है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में अगर आप कार के इंजन के लिए सबसे बेहतर इंजन ऑयल की तलाश कर रहे हैं तो फुल सिंथेटिक इंजन ऑयल से ऊपर कोई विकल्प नहीं है। फुल सिंथेटिक इंजन ऑयल देश का सबसे महंगा इंजन ऑयल है, इसी वजह से इसका इस्तेमाल करने से कार के इंजन की क्षमता काफी तेजी से बढ़ जाती है। अगर कार सर्विस के दौरान इस इंजन ऑयल को इंजन में डलवाया जाए तो इससे कई सारे फायदे होते हैं। हालांकि, इसके महंगे होने की वजह से लोगों को अपनी जेब से ज्यादा खर्चा करना पड़ता है।