भारत सरकार ने देश में ऑटोमोबाइल निर्माताओं के त्रैमासिक प्रोत्साहन भुगतान और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के तहत ज्यादा ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स को शामिल करने के अनुरोधों की जांच करने के लिए एक पैनल का गठन किया है। पीटीआई ने एक अधिकारी के हवाले से बताया है।
अधिकारी ने कहा, "इस वर्ष, (ऑटो पीएलआई के तहत) प्रोत्साहन सालाना दिया जाएगा। लेकिन मंत्रालय में एक समिति बनाई गई है जो ओईएम (मूल उपकरण निर्माता) के अनुरोधों पर गौर करेगी।"
भारी उद्योग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव हनीफ कुरैशी ने कहा, "अनुरोधों में से एक यह है कि कुछ एडवांस्ड ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (एएटी) कंपोनेंट्स को शामिल किया जाए। हमारे पास सिर्फ 103 कंपोनेंट हैं।"
जनवरी में, केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने पीटीआई को बताया था कि सरकार ने वाहन और वाहन घटकों के लिए पीएलआई योजना में ज्यादा घटकों को शामिल करने की ऑटो उद्योग की मांग की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है।
पांडेय ने कहा था कि समिति की अध्यक्षता भारी उद्योग मंत्रालय के एक अतिरिक्त सचिव द्वारा की जाएगी। और इसमें एआरएआई जैसी जांच एजेंसियों और वाहन उद्योग के प्रतिनिधियों समेत 11 सदस्य होंगे।
कुरैशी ने कहा कि 3-4 ओईएम ने कुछ कंपोनेंट्स की सूची दी है। जिन्हें योजना में शामिल करने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि समिति उन अनुरोधों की भी जांच करेगी, जो वर्तमान में वार्षिक प्रोत्साहन भुगतान के बजाय, पीएलआई ऑटो योजना के तहत तिमाही प्रोत्साहन भुगतान की मांग कर रहे हैं।