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Car Care Tips: गाड़ी के इंजन में सीसी और बीएचपी का क्या होता है मतलब, जानें पूरी डिटेल

Mon, 26 Feb 2024 09:48 AM IST
समीर गोयल ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

किसी भी कार को चलाने के लिए इंजन काफी महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इंजन में सीसी और बीएचपी का क्या मतलब होता है। आइए जानते हैं।

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For Reference Only - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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दुनियाभर में सबसे ज्यादा कारों में इंजन का उपयोग किया जाता है। इंजन में सीसी और बीएचपी का क्या मतलब होता है। यह किस तरह से काम करते हैं। हम इसकी जानकारी आपको इस खबर में दे रहे हैं। जिससे आपको भी यह जानकारी मिले कि इनका इंजन में क्या काम होता है।

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इंजन वाली कारें बनीं पसंद
दुनियाभर में जब से तेज गति वाली कारों की मांग में बढ़ोतरी हुई है। तब से कारों में इंजन तकनीक सबसे ज्यादा पसंद की जाती है। इसमें लगातार सुधार भी हुए हैं, जिससे नई चीजें लगातार जुड़ रही हैं। अन्य किसी भी तरह की तकनीक वाली कारों के मुकाबले दुनियाभर में अभी भी इंजन वाली कारें सबसे ज्यादा चलन में हैं।

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इंजन में क्या होता है सीसी का मतलब
किसी भी कार में इंजन की क्षमता को सीसी में बताया जाता है। इसे क्यूबिक कैपेसिटी भी कहते हैं। वाहन के इंजन में एक सिलेंडर होता है। यह उस सिलेंडर के अंदर का कुल वॉल्यूम होता है। जिस वाहन में सिलेंडर के अंदर जितनी भी खाली जगह होती है वाहन उतने ही सीसी का होता है। उदाहरण के तौर पर कंपनियों की ओर से बताया जाता है कि उनकी किसी एक कार के इंजन की क्षमता दो लीटर है और किसी दूसरी कार के इंजन की क्षमता 1.5 लीटर है। तो दो लीटर क्षमता वाली गाड़ी में दो हजार सीसी का इंजन होगा जबकि 1.5 लीटर क्षमता वाली कार में 1500 सीसी का इंजन दिया गया होगा।
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यह होता है बीएचपी का मतलब
बीएचपी का मतलब ब्रेक हॉर्स पावर होता है। किसी भी तरह के वाहन की जानकारी देने के लिए कंपनियां बीएचपी का उपयोग करती हैं। आमतौर पर इसे हॉर्स पावर भी कहा जाता है। इससे पहियों को शक्ति मिलती है वो उतनी ही ज्यादा होती है। छोटी कारों में अधिकतम 100 से 120 बीएचपी की पावर मिलती है। मीडियम साइज की कारों में 120 से 200 बीएचपी और सुपरकारों और हाई परफॉर्मेंस वाली कारों में इससे ज्यादा बीएचपी की ताकत होती है। किसी कार में जितनी ज्यादा बीएचपी होगी, वह कार उतनी ही ज्यादा तेज गति से चलने में सक्षम होगी।

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