सेमीकंडक्टर की कमी से वाहन उद्योग का उत्पादन प्रभावित हुआ है। इससे वाहनों की थोक बिक्री में अगस्त में सालाना आधार पर 11 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के शुक्रवार के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त महीने में वाणिज्यिक वाहनों को छोड़कर सभी श्रेणी के वाहनों की कुल थोक बिक्री अगस्त, 2020 के 17,90,115 से घटकर 15,86,873 इकाई रह गई।
कार और वैन सहित कुल यात्री वाहनों की बिक्री में 7 फीसदी इजाफा
सियाम के मुताबिक, मूल उपकरण विनिर्माताओं (ओईएम) से डीलरों को भेजे गए दोपहिया वाहनों में पिछले महीने गिरावट देखी गई। हालांकि, यात्री वाहन और तिपहिया वाहनों की आपूर्ति में पिछले साल के मुकाबले वृद्धि रही। ओईएम से डीलरों तक दोपहिया वाहनों की आपूर्ति अगस्त, 2021 में 15 फीसदी घटकर 13,31,436 इकाई रह गई।
इस दौरान मोटरसाइकिल बिक्री 20 फीसदी घटकर 8,25,849 इकाई रह गई, जबकि स्कूटर की आपूर्ति एक फीसदी घटकर 4,51,967 इकाई रह गई। हालांकि, कारों, विशिष्ट वाहनों और वैन समेत कुल यात्री वाहनों की ओईएम से डीलरों को आपूर्ति 7 फीसदी बढ़कर 2,32,224 इकाई पहुंच गई। कंपनियों के लिहाज से अगस्त, 2021 में मारुति की यात्री वाहनों की बिक्री 9 फीसदी घटकर 1,03,187 इकाई रही।
दबाव में वाहन उद्योग
सियाम के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा कि घरेलू वाहन उद्योग आपूर्ति श्रृंखला में चुनौतियों के कारण दबाव में है। वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर की कमी जारी है और अब इसका वाहन उद्योग के उत्पादन पर तीव्र प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि चिप की कमी के साथ कच्चे माल की ऊंची कीमतें भी एक चुनौती बनी हैं क्योंकि यह उद्योग के लागत ढांचे को प्रभावित कर रही है। वाहन उद्योग में तकनीक प्रगति और अधिक से अधिक इलेक्ट्रॉनिक सुविधाओं के साथ आने वाले नए मॉडल से सेमीकंडक्टर का उपयोग हाल में वैश्विक स्तर पर बढ़ा है।