केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि उनका उद्देश्य भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग को पांच साल में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्यात के लिए दुनिया में नंबर एक बनाना है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि उनका उद्देश्य भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग को पांच साल में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्यात के लिए दुनिया में नंबर एक बनाना है।
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गडकरी ने कहा, "भारत का भविष्य बहुत उज्ज्वल है, वर्तमान में हमारे ऑटोमोबाइल उद्योग का टर्नओवर 7.5 लाख करोड़ रुपये है। पांच साल के भीतर हमारा टर्नओवर 15 लाख करोड़ से अधिक हो जाएगा। और यह वह उद्योग है जो सबसे ज्यादा रोजगार, निर्यात और राज्य और केंद्र सरकार के लिए राजस्व पैदा कर रहा है।"
पहली बार आयोजित किए गए अनंतकुमार स्मृति व्याख्यान में उन्होंने कहा कि उनकी दृष्टि और प्रतिबद्धता पांच वर्षों में इलेक्ट्रिक कार, स्कूटर, बस, ऑटो रिक्शा और ट्रकों के निर्यात के लिए भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग को दुनिया में नंबर एक बनाना है।
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उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य निर्यात बढ़ाना, आयात कम करना है और साथ ही हम पारिस्थितिकी और पर्यावरण के बारे में सतर्क हैं। भारतीय समाज के तीन महत्वपूर्ण स्तंभ अर्थव्यवस्था, नैतिकता और इकोलॉजी और पर्यावरण हैं। इसे ध्यान में रखते हुए हम भारत को दुनिया की नंबर एक अर्थव्यवस्था बनाना चाहते हैं।"
Electric Car
- फोटो : Unsplash
स्मृति व्याख्यान का आयोजन पूर्व केंद्रीय मंत्री अनंतकुमार की पुण्यतिथि के अवसर पर अनंतकुमार प्रतिष्ठान द्वारा किया गया। इसके अलावा, गडकरी ने इस संबंध में बेंगलुरु में स्टार्टअप, व्यवसायों और रिसर्च संस्थानों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए, वेस्ट वाटर, इथेनॉल, इलेक्ट्रिक वाहनों और फ्लेक्स इंजन से एलएनजी, ग्रीन हाइड्रोजन को बढ़ावा देने की सरकार की योजनाओं की चर्चा की।
उन्होंने लोगों से इलेक्ट्रिक या फ्लेक्स इंजन वाले वाहन खरीदने की भी अपील की। फ्लेक्स इंजन वाले वाहनों में 100 प्रतिशत पेट्रोल या इथेनॉल का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह दोनों वाहन प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद करेंगे।
ट्रैफिक
- फोटो : अमर उजाला
परिवहन क्षेत्र पर, गडकरी ने कहा, "हमारी पहली प्राथमिकता जल मार्ग, दूसरी रेलवे, तीसरी सड़क और चौथी विमानन है, लेकिन दुर्भाग्य से अब 90 प्रतिशत पैसेंजर ट्रैफिक सड़क पर है और 70 प्रतिशत माल ट्रैफिक सड़क पर है।"
उन्होंने कहा, "जब मैंने मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था, नेशनल हाईवे 96,000 किमी था और इस समय हमारे पास 1,47,000 किमी है, उस समय राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण की रफ्तार 2 किमी प्रति दिन थी और अब यह 38 किमी प्रति दिन है। जहां तक राष्ट्रीय राजमार्गों के सड़क निर्माण का संबंध है, हम अब दुनिया में सबसे आगे हैं।"
हाईवे रोड के काम को रिकॉर्ड समय में पूरा करने का उदाहरण देते हुए उन्होंने आगे कहा, "हम सड़क निर्माण में आगे हैं, मेरा मिशन, मेरा लक्ष्य तीन साल के भीतर भारतीय सड़कों को अमेरिका के स्टैंडर्ड का बनाना है।" 26 ग्रीन एक्सप्रेस हाईवे पर मंत्री ने कहा कि चेन्नई से बेंगलुरु तक भी हम ग्रीन एक्सप्रेस हाईवे बना रहे हैं।