कई बार जल्दबाजी या हड़बड़ी में कई मौकों पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हो ही जाता है, लेकिन आपको पता नहीं चलता। आपका चालान भी कटा हो, लेकिन आपको पता ही न चला हो। अगर आपने जाने-अनजाने में कोई ट्रैफिक नियम तोड़ा है, तो आप उसका पता भी लगा सकते हैं। हाल ही में दिल्ली-एनसीआर में कई लोगों को एसएमएस के जरिये पता चला है कि उन्होंने ट्रैफिक नियमों को तोड़ा है। उस एसएमएस में उन्हें एक लिंक भी भेजा गया है, जहां वे चालान के स्टेटस का पता लगा सकते हैं।
लोगों ने जब उस लिंक को खोला, तो जान कर आश्चर्य हुआ कि उनका ई-चालान हुआ हो चुका है। जिसमें उनका गाड़ी की फोटो के साथ चालान की राशि और तारीख और समय भी लिखा हुआ था। पूर्वी दिल्ली में रहने वाले कृष्णा को एसएमएस के जरिये पता चला कि 20 अगस्त को उनका ओवरस्पीड का चालान हुआ था, जो पेंडिंग था। उसमें उनकी कार की फोटो के साथ जुर्माने की राशि 400 रुपये लिखी हुई थी।
वहीं उत्तरी दिल्ली की रहने वाली कनिका को कोई एसएमएस नहीं मिला। लेकिन उत्सुकतावश उन्होंने ऑनलाइन चेक किया, तो पता चला उनकी कार का फोटो समेत ई-चालान पेंडिंग है और उन पर 100 रुपये का रेड लाइट जंप का चालान सात जुलाई को हुआ था, लेकिन उन्हें इसके बारे में कोई सूचना ही नहीं थी। हालांकि ई-चालान में मोटर व्हीकल एक्ट की धारा का जिक्र किया होता है, साथ ही ऑनलाइन पेमेंट का लिंक भी होता है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि अप्रैल 2018 में नई कार खरीदने पर मोबाइल नंबर देना अनिवार्य है। उनके पास मौजूद डाटाबेस में 60 फीसदी मोबाइल नंबर बिल्कुल सही हैं, वहीं जैसे ही कोई ऑनलाइन चालान भरता है, डाटाबेस में उसका नंबर अपडेट हो जाता है। अपना ई-चालान चेक करने के लिए आप लिंक पर
https://echallan.parivahan.gov.in/index/accused-challan पर देख सकते हैं।
इसके अलावा परिवहन पोर्टल
https://parivahan.gov.in/parivahan//node/1978 पर जाकर अपने मोबाइल नंबर को अपडेट भी किया जा सकता है। यहां पर आपको वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, चैसिस नंबर, इंजन नंबर और मोबाइल नंबर भरना होगा, जिसके बाद आपको मोबाइल पर ओटीपी आएगा। अगर डाटाबेस में आपका नंबर अपडेट नहीं होगा, तो चालान या तो सीधे आपके घर पर आएगा, या ऑनलाइन जारी होगा। अगर आपने तय तिथि या छह महीने तक चालान नहीं भरा, तो आपके मामले को कोर्ट भेज दिया जाएगा।