फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के बृहस्पतिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस त्योहारी सीजन कुल 3,24,542 यात्री वाहनों का पंजीकरण हुआ। यह आंकड़ा पिछले साल त्योहारी सीजन पंजीकृत हुए 4,39,564 यात्री वाहनों से 26 फीसदी कम है।
चिप संकट के कारण आपूर्ति बाधित होने से इस साल 42 दिनों के त्योहारी सीजन में वाहनों की खुदरा बिक्री 18 फीसदी घटकर 20,90,893 इकाई रह गई। पिछले साल समान अवधि में कुल 25,56,335 वाहन बिके थे।
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फाडा की रिपोर्ट, तिपहिया-वाणिज्यिक वाहनों को छोड़कर सभी श्रेणी की वाहन बिक्री घटी
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के बृहस्पतिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस त्योहारी सीजन कुल 3,24,542 यात्री वाहनों का पंजीकरण हुआ। यह आंकड़ा पिछले साल त्योहारी सीजन पंजीकृत हुए 4,39,564 यात्री वाहनों से 26 फीसदी कम है।
आलोच्य त्योहारी सीजन में तिपहिया और वाणिज्यिक वाहनों को छोड़कर यात्री वाहन, दोपहिया एवं ट्रैक्टर समेत अन्य सभी श्रेणी के वाहन बिक्री में सालाना आधार पर गिरावट रही। इस दौरान दोपहिया वाहनों की बिक्री 18 फीसदी गिरकर 15,79,642 और ट्रैक्टर बिक्री 23 फीसदी घटकर 56,841 इकाई रही। हालांकि, तिपहिया वाहनों की बिक्री 53 फीसदी बढ़कर 52,802 और वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 10 फीसदी बढ़कर 77,066 इकाई पहुंच गई।
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बिक्री पर महंगे पेट्रोल का भी असर
फाडा के अध्यक्ष विंकेश गुलाटी ने कहा कि यह पिछले एक दशक का सबसे खराब त्योहारी सीजन रहा। मांग होने के बावजूद चिप संकट के कारण हम अपेक्षित संख्या में वाहनों की आपूर्ति नहीं कर सके।
इसका सबसे ज्यादा असर एसयूवी, कॉम्पैक्ट एसयूवी और लग्जरी वाहनों की आपूर्ति पर ज्यादा रहा। हालांकि, एंट्री-लेवल कारों की मांग बनी रही। उन्होंने कहा कि महामारी के कारण पहले से ही परेशान ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहिया वाहनों की मांग कम रहने की बड़ी वजह पेट्रोल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी रही। पूछताछ के लिए आने वाले ग्राहकों की संख्या में भी गिरावट रही।