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सुप्रीम कोर्ट ने BS4 वाहनों की बिक्री की समय सीमा बढ़ाई, लेकिन दिल्ली-एनसीआर में नहीं बिकेगी गाड़ी

Fri, 27 Mar 2020 06:42 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय ऑटो इंडस्ट्री को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज भारत में BS4 वाहनों की बिक्री के लिए 31 मार्च की समय सीमा बढ़ा दी और लॉकडाउन अवधि खत्म होने के बाद 10 दिनों तक के लिए छूट दी है। 21-दिवसीय लॉकडाउन की अवधि 14 अप्रैल को खत्म हो जाएगी। यानी डीलर 24 अप्रैल, 2020 तक अपने बचे हुए BS4 वाहनों के स्टॉक को बेच सकते हैं। 
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Cars Inventory (File Photo) - फोटो : PTI
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विस्तार
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विशेष परिस्थितियों को देखते हुए, जहां डीलरशिप कोरोनोवायरस लॉकडाउन के कारण अपने BS4 स्टॉक को बेचने में मुश्किल समय का सामना कर रहे हैं, सर्वोच्च अदालत ने फैसला सुनाया है कि बिना बिके हुए BS4 वाहनों में से केवल 10 फीसदी ही लॉकडाउन खत्म होने के 10 दिन के भीतर बेचे जा सकते हैं, लेकिन दिल्ली एनसीआर में इसकी कोई बिक्री नहीं होगी। फैसले में यह भी कहा गया है कि BS4 वाहनों का रजिस्ट्रेशन बिक्री के 10 दिनों के भीतर कराना होगा। अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए इस मामले की सुनवाई की। 
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Federation of Automobiles Dealers Association (FADA), फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल्स डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) और  Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM), सोसाइटी ऑफ ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने BS4 वाहनों की बिक्री के लिए 31 मार्च की समय सीमा बढ़ाने के लिए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। FADA ने तर्क दिया कि पहले तो ऑटो सेक्टर में मंदी और दूसरा कोरोनोवायरस महामारी के कारण शोरूम में लोगों के कम आने की वजह से, 15,000 यात्री कारों, 12,000 वाणिज्यिक वाहनों, 7 लाख दोपहिया वाहनों की बिक्री दांव पर लगी हुई है। 

हालांकि, शीर्ष अदालत ने कहा कि BS4 वाहनों की बिक्री की समय सीमा बढ़ाने और पर्यावरण पर बोझ डालने का कोई मतलब नहीं है। अदालत ने कहा, "हमें बलिदान करना सीखा चाहिए, देश के पर्यावरण के लिए कुछ करना चाहिए, सहानुभूति पैदा कीजिए... हम कारोबार और डीलरों के मनोविज्ञान को समझते हैं... आप कोरोना वायरस के चलते मार्च में कुछ दिनों के लिए हुए लॉकडाउन का फायदा उठाना चाहते हैं।" 

यह अनुमान लगाया गया है कि भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के कारण लगभग 13,000 करोड़ से 15,000 करोड़ रुपये का अनुमानित राजस्व नुकसान होने की संभावना है। वर्तमान में, अकेले दोपहिया उद्योग में 4,600 करोड़ रुपये की BS4 इन्वेंट्री है, जबकि डीलरों के पास लगभग 8,35,000 बिना बिकी हुई यूनिट्स बची हुई हैं। इसके अलावा, सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने पहले ही अनुमान लगाया है कि उत्पादन रुका होने के कारण हर दिन कम से कम 2300 करोड़ रुपये नुकसान होगा। 

गौरतलब है कि भारतीय ऑटो इंडस्ट्री पिछले कुछ समय से BS6 ईंधन उत्सर्जन मानक को लागू करने की तैयारी कर रही है। लेकिन उद्योग जगत पर पहले से छाई सुस्ती और फिर Covid 19 (कोरोना वायरस) महामारी के प्रकोप के चलते ऑटो सेक्टर पर संकट के बादल छाए हुए हैं। इस घातक बीमारी के फैलने के डर से पूरे देश में लॉकडाउन है। ऐसे में ऑटो डीलरों पर अप्रत्याशित बोझ पड़ गया है क्योंकि लॉकडाउन के चलते ऑटो डीलरशिप भी बंद हैं। 

बता दें कि कुछ दिनों पहले FADA ने इस बारे में सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर BS4 गाड़ियों के पंजीकरण की तारीख 2 महीने आगे तक बढा़ने की अपील की थी। यानी BS4 इंजन की गाड़ियों की बिक्री की समय सीमा 31 मार्च से बढ़ाकर 31 मई तक करने की गुहार लगाई। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरुण मिश्रा और एम. आर. शाह की एक बेंच ने फाडा की याचिका को सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया था और कहा था कि इसे 31 मार्च से पहले नहीं सुना जा सकता। 
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ध्यान देने योग्य है कि सुप्रीम कोर्ट के अक्तूबर 2018 के अपने आदेश में कहा था कि देश में 1 अप्रैल 2020 से BS6 ईंधन उत्सर्जन मानक वाले वाहनों का ही रजिस्ट्रेशन होगा। यानी 1 अप्रैल 2020 से BS4 इंजन वाले वाहनों का पंजीकरण नहीं होगा। 

लेकिन कोरोनो वायरस के चलते देशव्यापी लॉकडाउन के कारण बदली परिस्थिति के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मामले की सुनवाई करने पर रजामंदी दी। जिसके बाद शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने ऑटो निर्माताओं को राहत देते हुए BS4 वाहनों की बिक्री के लिए समय सीमा बढ़ा दी और लॉकडाउन अवधि खत्म होने के बाद 10 दिनों तक BS4 वाहनों की बिक्री के लिए छूट दी है। 
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