महामारी के कारण ऑटोमोबाइल उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मार्च के आखिरी हफ्ते से लागू लॉकडाउन के कारण वाहनों की बिक्री पर बहुत बुरा असर पड़ा है। भारत में ऑटोमोबाइल जगत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि अप्रैल में एक भी कार की बिक्री नहीं हुई थी। अब Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM), सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के आकड़ें बता रहे हैं कि यह लगातार नौवीं तिमाही से है जब वाहनों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है।
Covid-19 महामारी से प्रभावित बाजार में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल - जून 2020) में यात्री वाहनों की बिक्री 78.43 फीसदी घटी है। वाहन उद्योग के संगठन सियाम ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए कहा पिछले 20 साल में उद्योग में मंदी का यह सबसे लंबा दौर है।
सियाम के मुताबिक वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में 84.81 फीसदी की गिरावट आई है। वाणिज्यिक वाहनों के मामले में गिरावट की यह लगातार पांचवीं तिमाही रही है। इस सेगमेंट में भी पिछले 15 साल में इतनी लंबी सुस्ती कभी नहीं देखी गई।
वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल- जून 2020) में यात्री वाहनों की बिक्री 1,53,734 यूनिट रही है जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 7,12,684 यूनिट रही थी। इससे पहले पिछले 20 साल के दौरान यात्री वाहनों की बिक्री में गिरावट का सबसे लंबा सिलसिला पांच तिमाहियों का 2013-14 और 2014-15 के बीच एवं 2000-01 से 2001-2002 के बीच रहा था।
इसी तरह वाणिज्यिक वाहनों के मामले में पहली तिमाही के दौरान बिक्री 31,636 यूनिट रही है जो कि एक साल पहले इसी अवधि में 2,08,310 यूनिट रही थी। इससे पहले 2013-14 से लेकर 2014-15 के दौरान लगातार आठ तिमाहियों में बिक्री में गिरावट रही।
सियाम के अध्यक्ष राजन वढेरा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, "कोरोना वायरस के कारण वर्तमान में हम बहुत मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। हम पिछले साल से ही मांग की कमी का सामना कर रहे थे लेकिन इस तिमाही में कोविड-19 के कारण कारोबार घटा है। यह वाहन उद्योग के लिए बहुत कठिन होने जा रहा है।"
वढेरा ने कहा, "इसलिये सरकार को वाहन क्षेत्र के लिए एक मजबूत प्रोत्साहन पैकेज देने की जरूरत है जैसा कि सरकार ने पूर्व के समय में आई मंदी के समय में किया।" उन्होंने वाहन उद्योग की लंबे समय से लंबित मांग को दोहराते हुए कहा कि वाहन उद्योग के लिए माल एवं सेवाकर (जीएसटी) में सभी श्रेणियों के वाहनों के लिए 10 फीसदी कमी करनी चाहिए। इसके साथ ही इस क्षेत्र में मांग बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन- आधारित कबाड़ योजना की शुरुआत करनी चाहिए।
वढेरा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सियाम के सदस्यों ने उत्पादन कार्य तो शुरू कर दिया है लेकिन उन्हें कई मामलों में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आपूर्ति श्रृंखला में अड़चनें हैं। कई कारखाने ऐसे स्थानों पर हैं जहां कोविड-19 के कारण प्रतिबंध लागू हैं। मजदूरों की कमी है। आयात माल की क्लीयिरंग में देरी हो रही है। कुछ सदस्यों के कारखानों के आसपास कोविड-19 के मामले उभरे हैं इससे भी परेशानी हुई है।
जून माह में यात्री वाहनों की बिक्री एक साल पहले के इसी माह की तुलना में 49.59 फीसदी घटकर 1,05,617 कारों की रही। पिछले साल जून में 2,09,522 यात्री वाहनों की बिक्री हुई थी। इस दौरान सबसे बड़ी कार कंपनी Maruti Suzuki (मारूति सुजुकी) ने 51,274 कारें बेची जो कि एक साल पहले की तुलना में 49.61 फीसदी कम रही। Hyundai Motors (ह्यूंदै मोटर्स) ने 21,320 कारें बेची जबकि Mahindra and Mahindra (महिंद्रा एंड महिंद्रा ने 8,075 वाहन बेचे। इनकी बिक्री में क्रमश 49.25 और 54.54 फीसदी की गिरावट रही।
इस दौरान दोपहिया वाहनों की बिक्री 38.56 फीसदी घटकर 10,13,431 यूनिट रही जो कि एक साल पहले इसी महीने में 16,49,475 यूनिट रही थी। दोपहिया वाहनों में मोटरसाइकिल की बिक्री जून 2020 में 7,02,970 यूनिट रही जबकि एक साल पहले इसी महीने में 10,84,596 मोटरसाइकिलें बेची गई थी। यह 35.19 फीसदी की गिरावट रही। स्कूटर बिक्री इस अवधि में 5,12,626 से घटकर 2,69,811 रह गई। यह गिरावट 47.37 फीसदी की रही।