सेना के जवान हों या पुलिसकर्मी, अब वे अपना सरकारी पहचानपत्र दिखाकर अपने निजी वाहन से टोल प्लाजा पर फास्टैग लेन से नहीं गुजर सकेंगे। National Highways Authority of India (NHAI) यानी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सभी राष्ट्रीय राजमार्ग के टोल प्लाजा पर टोल वसूल रही सभी कंपनियों को गाइडलाइन भेजी है। NHAI ने दिशानिर्देशों के मुताबिक सेना या पुलिस का कोई जवान निजी वाहन से टोल प्लाजा पार कर रहा है और उस गाड़ी पर फास्टैग नहीं लगा है तो उन्हें कैश लेन से ही गुजरना पड़ेगा। फास्टैग लेन से गुजरने पर उनसे दोगुना टोल वसूला जाएगा।
NHAI की ओर से शेड्यूल-जी के तहत टोल वसूलने वाली कंपनी को दिशानिर्देश भेजे गए हैं। इसमें कहा गया है कि अगर सेना के जवान ड्यूटी पर हैं और सरकारी वाहन में हैं तो उनसे टोल नहीं वसूला जाएगा, लेकिन इन वाहनों पर फास्टैग लगवाना होगा। बता दें कि फास्टैग की व्यवस्था शुरू होने से पहले सेना के जवान जब सरकारी ड्यूटी पर नहीं होते थे, तब भी अपना सरकारी पहचान पत्र दिखाकर अपने निजी वाहन से बिना टोल की रकम चुकाए गुजरते थे। लेकिन बहुत सी जगहों पर फर्जी पहचान पत्र की शिकायत मिलने पर यह दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
खेड़कीदौला स्थित टोल संचालक कंपनी के अधिकारियों के अनुसार NHAI ने दिशानिर्देश जारी किए हैं। मौजूदा समय में बहुत ही कम सरकारी गाड़ियों में फास्टैग लगा हुआ है। दिशानिर्देशों के मुताबिक अब सेना व पुलिस के जवान आईकार्ड दिखाकर टोल नहीं पार कर पाएंगे। इन्हें अपने वाहनों में फास्टैग लगवाना होगा। ऐसा नहीं करने की स्थिति में कैश लेन से टोल शुल्क अदाकर जाना होगा।