गणेशजी का वास्तुदोष निवारण में बड़ा ही महत्व है। घर,कार्यस्थल या फिर किसी विशेष प्रयोजन के लिए किस तरह के गणेश जी कहां स्थापित किए जाएं जिससे भगवान प्रसन्न होकर अपने भक्तों की मनोकामना को पूरी कर सकें।
घर के लिए वास्तु के सिद्धांतों का पालन करने से समृद्धि और खुशहाली आ सकती है। जब घर में मूर्तियों की स्थापना की बात आती है, तो वास्तु इस बात पर चर्चा करता है कि कैसी गणेश मूर्ति लाएं। गणेशजी का वास्तुदोष निवारण में बड़ा ही महत्व है। घर,कार्यस्थल या फिर किसी विशेष प्रयोजन के लिए किस तरह के गणेश जी कहां स्थापित किए जाएं जिससे भगवान प्रसन्न होकर अपने भक्तों की मनोकामना को पूरी कर सकें।
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मनोकामना के अनुसार चुनें रंग
वास्तु के अनुसार गणेशजी की मूर्ति का रंग उसकी आकर्षित होने वाली ऊर्जा को प्रभावित करेगा। यदि आप खुशी और आराम को आकर्षित करना चाहते हैं तो सफेद गणपति की मूर्ति आदर्श है। दूसरी ओर, सिन्दूरी रंग की मूर्ति धन और विलासिता की भावना को आकर्षित करने के लिए शुभ मानी जाती है। इस रंग की गणेश मूर्ति तस्वीर उन लोगों की भी मदद करेगी जो आत्म-विकास की इच्छा रखते हैं। सौभाग्य के लिए आप गणपति की सोने की मूर्ति भी स्थापित कर सकते हैं।
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किस सामग्री की मूर्ति से क्या फायदा
सामग्री का चयन भी मूर्ति द्वारा आकर्षित ऊर्जा को प्रभावित करता है। उदाहरण के लिए, मार्बल और चांदी से बनी मूर्तियां प्रसिद्धि के लिए होती हैं जबकि लकड़ी से बनी मूर्तियां अच्छा स्वास्थ्य और दीर्घायु लाती हैं। क्रिस्टल गणेश वास्तु दोषों को कम करने में मदद कर सकते हैं। आम, नीम और पीपल से बनी गणेश मूर्तियां सौभाग्यशाली मानी जाती हैं जबकि गाय के गोबर से बनी गणेश मूर्तियां नकारात्मकता और दुख को दूर करती हैं। कहा जाता है कि पीतल के गणेश घर में समृद्धि और खुशियां लाते हैं।
धन और आराम के लिए
गणेश जी इस प्रतिमा में तकिये और एक हाथ का सहारा लेकर लेटे हुए नज़र आते हैं। कलाकृति के रूप में इसे घर के ड्राइंग रूम में रख सकते हैं। पूजाघर में नहीं रखें। यदि आप धन और विलासिता को आकर्षित करना चाहते हैं, तो लेटी हुई मुद्रा में गणेश की मूर्ति एक बेहतर विकल्प है। इसके अलावा आपको यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि गणेश जी की मूर्ति के पैरों में चूहा हो और हाथ में मोदक हो।
कला और शिक्षा में सफलता के लिए
भगवान की यह प्रतिमा देखने में बहुत मनमोहक लगती है। बड़े उदर और भारीभरकम शरीर में नृत्य करते हुए भी वे बड़े आकर्षक लगते हैं । यदि कला या अन्य शिक्षा के प्रयोजन से पूजन करना हो तब डांसिंग गणेश की प्रतिमा या तस्वीर का पूजन करना लाभकारी है।