इशान कोण में रखें भगवान कृष्ण की मूर्ति
वास्तु शास्त्र के अनुसार, भगवान कृष्ण की मूर्ति को घर के ईशान कोण में स्थापित करना सबसे शुभ माना जाता है। ईशान कोण को उत्तर-पूर्व का कोण कहा जाता है। यह कोण देवताओं का कोण माना जाता है। इस कोण में भगवान की मूर्ति स्थापित करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं।
क्यों है ईशान कोण महत्वपूर्ण: ईशान कोण में जल तत्व का प्रभाव होता है और भगवान कृष्ण जल तत्व के देवता हैं। इसलिए इस कोण में उनकी मूर्ति स्थापित करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
ध्यान रखें: मूर्ति को हमेशा साफ-सुथरा रखें और नियमित रूप से पूजा करें।
लड्डू गोपाल की मूर्ति को ऊंचे स्थान पर रखें
लड्डू गोपाल यानी बाल गोपाल की मूर्ति को हमेशा ऊंचे स्थान पर रखना चाहिए। ऐसा करने से बाल गोपाल की कृपा बनी रहती है।
क्यों है ऊंचाई महत्वपूर्ण: ऊंचाई का मतलब है कि बाल गोपाल को सम्मान दिया जा रहा है। जब हम बाल गोपाल की मूर्ति को ऊंचे स्थान पर रखते हैं तो हम यह दिखाते हैं कि हम उनका सम्मान करते हैं।
कहां रखें: बाल गोपाल की मूर्ति को आप पूजा घर में रख सकते हैं।
किस दिन लानी चाहिए बाल गोपाल की मूर्ति
लड्डू गोपाल की मूर्ति जन्माष्टमी के दिन लाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा, भादो माह के एकादशी तिथि भगवान विष्णु के लिए समर्पित मानी जाती है, आप उस दिन भी लड्डू गोपाल की मूर्ति घर ला सकते हैं।
भगवान कृष्ण की मूर्ति को घर में लाना और इसकी पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। मगर मूर्ति को स्थापित करते समय बताए गए विशेष नयमों का ध्यान रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, भगवान कृष्ण की मूर्ति को ईशान कोण में स्थापित करना और लड्डू गोपाल की मूर्ति को ऊंचे स्थान पर रखना शुभ होता है। इन नियमों का पालन करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।