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Vipreet Raja Yoga: बड़े काम का है सरल राजयोग, जातक बन जाता है करोड़पति

Wed, 04 Jan 2023 01:23 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आठवें भाव एक अंधकार है। एक ऐसा अंधकार जिसके बारे में जानने की शक्ति हर किसी विद्वान में नहीं होती है। गुप्त विद्या, छिपा हुआ धन, मृत्यु ये सब ऐसी बाते है जिन्हे हर कोई नहीं जान सकता है।
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astrology 2023 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वैदिक ज्योतिष के 12 भावों में छठे, आठवें और बारहवें भाव को दु:स्थान कहा गया है। विद्वानों के अनुसार इन भाव में शुभ ग्रह अच्छा फल नहीं देते है, अगर इन भावों में शुभ ग्रह पाप पीड़ित हो तो जातक जीवनभर परेशानी से घिरा रहता है। दरअसल आठवें भाव एक अंधकार है। एक ऐसा अंधकार जिसके बारे में जानने की शक्ति हर किसी विद्वान में नहीं होती है। गुप्त विद्या, छिपा हुआ धन, मृत्यु ये सब ऐसी बाते है जिन्हे हर कोई नहीं जान सकता है। इसलिए लाल किताब में भी इसे पाताल कहा गया है। अक्सर इन भाव से जुड़ी बुरी बाते ही लोगों को पढ़ने को मिलती है लेकिन क्या आप जानते है कि इन भावों के स्वामी भी राजयोग का निर्माण करते हैं। आज इस लेख में हम ऐसे ही राजयोग की बात करने वाले है जिसे “ सरल राजयोग”कहा गया है और वो आठवें भाव के स्वामी से ही बनता है। 

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1 - ज्योतिष के ग्रंथों में यह लिखा गया है कि अगर आठवें भाव का स्वामी अपने ही भाव में, छठे भाव में या बारहवें भाव में हो ऐसा व्यक्ति विपरीत राजयोग का फल प्राप्त करता है। 

2 - दरअसल दु:स्थान का स्वामी अगर दु:स्थान में ही तो विद्वानों के मत से वो हानि नहीं करेगा बल्कि भाव से जुड़े बुरे परिणाम को रोक देगा। 
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3 - अगर आठवें भाव का स्वामी अपने ही स्थान में या छठे और बारहवें भाव में हुआ तो जातक को ‘सरल’नाम के राजयोग का फल प्राप्त होगा। 

4 - अगर आठवें भाव का स्वामी छठे भाव में हो तो ऐसा जातक विद्वान होगा और अपने शत्रुओं को जीतकर उनका धन लेने वाला होता है। ऐसा जातक किसी से डरता नहीं है। 

5 - अगर आठवे भाव का स्वामी आठवें ही भाव में हो तो जातक परम् ज्ञानी और गुप्त विद्या का स्वामी बन जाता है। वो जब भी मुसीबत में आएगा कोई ना कोई अदृश्य शक्ति उसकी मदद करेगी। 

6 - अगर आठवें भाव का स्वामी बारहवें भाव में हो तो जातक राजा के समान सुख लेता है। इस योग में शुक्र मंगल हो तो स्त्री खुद ऐसा व्यक्ति से मित्रता करती है। ऐसा व्यक्ति समुद्री यात्राएं बहुत करता है। 

सरल राजयोग बिल्कुल अपने नाम की तरह है। इसका अर्थ यह हुआ कि जीवन में चाहे कितनी ही कठिनाई जातक के जीवन में क्यों नहीं आये जातक सरलता से उन पर विजय प्राप्त करता है।

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