वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह का विशेष महत्व है। यह सभी ग्रहों में ऐसे ग्रह हैं जो सबसे धीमी चाल से चलते हैं। यह किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं फिर इसके बाद दूसरी राशि में गोचर करते हैं। इस तरह से पूरी राशिचक्र का एक चक्कर पूरा करने में करीब 30 वर्ष लग जाते हैं। शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव लोगों को बहुत ही भयभीत करता है। आपको बता दें कि शनि ग्रह को वैदिक ज्योतिष में आयु, दुख, रोग, पीड़ा, लोहा, खनिज तेल, कर्मचारी और सेवक आदि के कारक माने जाते हैं। शनिदेव को दो राशियां का स्वामित्व प्राप्त है। शनि का मकर और कुंभ राशि पर आधिपत्य होता है। तुला राशि शनिदेव की उच्च की और मेष राशि इनकी नीच की राशि मानी जाती है। आपको बता दें कि शनि अभी गुरु की राशि मीन में संचरण कर रहे हैं, जो साल 2027 तक इसी राशि में रहेंगे। ऐसे में जिन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव है उन पर इसका असर देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं किन-किन राशियों पर रहेगा शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव।
इन राशियों पर रहेगा साढ़ेसाती का प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार इस वर्ष शनि के राशि परिवर्तन करने से मेष राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण, मीन राशि पर दूसरा चरण और कुंभ राशि पर तीसरा चरण चल रहा है। शनि की साढ़ेसाती ढाई-ढाई साल पर साढ़े सात वर्षों तक चलती है। ऐसे में इन राशि वालों को आने वाले समय में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
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इन राशियों पर रहेगी शनि की ढैय्या
शनि के इस वर्ष मीन राशि में गोचर करने से धनु और सिंह राशि वालों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव रहेगा। साल 2027 तक इन दोनों ही राशियों पर शनि की ढैय्य रहेगी। ऐसे में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सेहत में गिरावट आ सकती है और कोई पुराना रोग उभर कर सामने आ सकता है। मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है और आर्थिक स्थिति में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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शनि के अशुभ प्रभावों को दूर करने के उपाय
- शनिवार के दिन भगवान शनि की पूजा और उनको सरसों के तेल का दीपक अर्पित करने से कष्ट दूर होते हैं। साथ ही इस दिन चालीसा का भी पाठ अवश्य करना चाहिए ।
- शनिदेव की कृपा पाने के लिए और कष्टों से मुक्ति पाने के लिए हर शनिवार को पीपल के पेड़ की नियमित रूप से पूजा करनी चाहिए और तेल का दीपक जलाएं।
- शनिवार के दिन गरीबों और असहायों को कंपल, सरसों का तेल और उड़द दाल का दान करना चाहिए।
- शनिवार के दिन शनिदेव से संबंधित मंत्रों का जाप करना चाहिए। इससे शनिदोषों से मुक्ति मिलेगी और कष्टों से मुक्ति मिलेगी।