इस साल श्रावण महीने की शुरुआत 27 जुलाई से हो रही है। लेकिन इसे उदया तिथि यानी 28 जुलाई से मानी जाएगी। 26 अगस्त को श्रावण मास का आखिरी दिन होगा। इस साल का सावन का महीना बहुत खास रहने वाला है क्योंकि 19 साल बाद एक दुर्लभ संयोग बना है। ज्योतिषाचार्य डॉ. पुनीत गुप्ता ने बताया कि विशेष बात यह है कि श्रावण मास में इस बार सावन का महीना 28 या 29 दिनों का नहीं रहेगा बल्कि पूरे 30 दिनों तक चलेगा। ऐसा संयोग 19 साल बाद बन रहा है। दरअसल इस बार का सावन 30 दिनों का होने के पीछे अधिकमास पड़ने के कारण हुआ है। 28 जुलाई को सावन का पहला दिन होगा जो कि 26 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगा।
सावन का पहला सोमवार 30 जुलाई को पड़ेगा। इस सावन माह में 4 सोमवार पड़ने के कारण विशेष संयोग बन रहा है। बहुत से लोग सावन या श्रावण के महीने में आने वालेपहले सोमवार से ही 16 सोमवार व्रत की शुरुआत करते हैं। विवाहित महिलायें यदि इसी महीने में सोमवार व्रत रखती हैं तो उन्हें भगवान शिव सौभाग्य का वरदान देते हैं। कई लोग इस माह के पहले सोमवार से सोलह सोमवार व्रत की शुरुआत करते हैं। सावन महीने की खास बात यह है कि इस महीने में मंगलवार का व्रत देवी पार्वती के लिए किया जाता है, जिसे मंगला गौरी व्रत के नाम से भी लोग जानते हैं। इस चार सोमवार को भगवान शिव की विशेष आराधना की जायेगी। ऐसी मान्यता है कि सावन में सोमवार को व्रत रखने और शिवलिंग पर जल चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धिआती है।
पंचांग के मुताबिक, इस बार सावन के कृष्ण पक्ष में दूज दो दिन 29 व 30 जुलाई को रहेगी। पिछले साल सावन 10 जुलाई से शुरू होकर 7अगस्त तक 29 दिन का था। शिव भक्तों में सावन या श्रावण महीने का खास महत्व है। इस महीने में भगवान शंकर की पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि सावन के महीने में सोमवार को व्रत रखने और भगवान शंकर की पूजा करने वाले जातक को मनवांछित जीवनसाथी प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है। विवाहित महिलाएं यदि श्रावन महीने का सोमवार व्रत रखती हैं तो उन्हें भगवान शंकर सौभाग्य का वरदान देते हैं।
श्रावण मास में सोमवार व्रत तिथियां
27 जुलाई को गुरुपूर्णिमा मनाई जायेगी।
28 जुलाई 2018: श्रावण मास शुरू, पहला दिन
30 जुलाई 2018: सावन का पहला सोमवार व्रत
06 अगस्त 2018: सावन सोमवार व्रत
13 अगस्त 2018: सावन सोमवार व्रत और हरियाली तीज
20 अगस्त 2018: सावन सोमवार व्रत
26 अगस्त 2018: सावन माह का अंतिम दिन
सावन माह में तीन प्रकार के व्रत रखते हैं
1.सावनसोमवारव्रत
2.सोलहसोमवारव्रत
3.प्रदोषव्रत
श्रावण महीने में सोमवार को जो व्रत रखा जाता है,उसे सावन का सोमवार व्रत कहते हैं। वहीं सावन के पहले सोमवार से 16 सोमवार तक व्रत रखने को सोलह सोमवार व्रत कहते हैं और प्रदोष व्रत भगवान शिव और मां पार्वती का आशीर्वाद पाने के प्रदोष के दिन किया जाता है।
व्रत और पूजनविधि
– सुबह-सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर स्वच्छ कपड़े पहनें.
– पूजा स्थान की सफाई करें।
– आसपास कोई मंदिर है तो वहां जाकर भोलेनाथ के शिवलिंग पर जल व दूध अर्पित करें।
- भगवान शिव का अभिषेक जल या गंगाजल से होता है परंतु विशेष अवसर व विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए दूध, दही, घी, शहद, चने की दाल, सरसों तेल, काले तिल आदि कई सामग्रियों से अभिषेक की विधि प्रचलित है।
- तत्पश्चात ऊँ नमः शिवाय मंत्र के द्वारा श्वेत फूल, सफेद चंदन, चावल, पंचामृत, सुपारी, नारियल व बेल की पत्तियां, फल और गंगाजल या साफ पानी से भगवान शिव और पार्वती का पूजन जरूर करें।
- अभिषेक के दौरान पूजन विधि के साथ-साथ मंत्रों का जाप भी बेहद आवश्यक माना गया है फिर महामृत्युंजय मंत्र का जाप हो गायत्री मंत्र हो या फिर भगवान शिव का पंचाक्षरी मंत्र।
– भोलेनाथ के सामने आंख बंद शांति से बैठें और व्रत का संकल्प लें।
– दिन में दो बार सुबह और शाम को भगवान शंकर व मां पार्वती की अर्चना जरूर करें।
– भगवान शंकर के सामने तिल के तेल का दीया प्रज्वलित करें और फल व फूल अर्पित करें।
– सावन सोमवार व्रत कथा पढ़ें शिव चालीसा का पाठ करें और दूसरों को भी व्रत कथा सुनाएं और पूजा का प्रसाद वितरण करें।