राहु-केतु का नाम लेते ही मन में डर का भाव आ जाता है। ये दोनों ही ग्रह क्रूर और मुसीबतों का जंजाल हैं। इनके अशुभ परिणाम से व्यक्ति को कई तरह की शारीरिक और मानसिक परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। इन दोनों ग्रहों का बाकि अन्य ग्रहों की तरह वास्तविक रूप या आकार नहीं है। ये दोनों ही छाया ग्रह हैं। इनमें राहु सिर और केतु धड़ है। इसलिए धड़ के ऊपरी वाले हिस्से में कोई परेशानी आती है तो उसके लिए राहु और धड़ से नीचे वाले हिस्से के लिए केतु जिम्मेदार होता है।