इमरान खान का बुरा समय मार्च से ही शुरू हो गया है। दरअसल गुरु केंद्र आधिपति दोष से पीड़ित होकर मंगल की राशि में अष्टम भाव में विराजमान है वहीं चन्द्रमा भी उसी भाव में विराजमान है। अष्टम भाव का स्वामी मंगल चौथे भाव में विराजमान होकर एक दर्दनांक अंत की ओर संकेत कर रहा है।
पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान इस समय चारों ओर से मुसीबत से घिरे हुए हैं। आज इस लेख में इमरान खान की जन्म कुंडली से समझने की कोशिश करते हैं कि भविष्य में उनके साथ क्या हो सकता है। इमरान खान के लग्न में द्वादश भाव के स्वामी सूर्य प्रबल अकारक होकर अपने शत्रु शनि के साथ विराजमान है। कन्या लग्न की कुंडली में शनि और सूर्य दोनों ही अकारक होते हैं और ये प्रबल कारावास योग है। ज्योतिष के नियम के अनुसार अगर शत्रु भाव का स्वामी व्यय भाव के स्वामी के साथ लग्न या केंद्र में विराजमान हो तो जातक शत्रु के द्वारा मारा जाता है।
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इमरान खान का बुरा समय मार्च से ही शुरू हो गया है। दरअसल गुरु केंद्र आधिपति दोष से पीड़ित होकर मंगल की राशि में अष्टम भाव में विराजमान है वहीं चन्द्रमा भी उसी भाव में विराजमान है। अष्टम भाव का स्वामी मंगल चौथे भाव में विराजमान होकर एक दर्दनांक अंत की ओर संकेत कर रहा है। इनके लग्न में विराजमान उच्च के बुध और गुरु मंगल राशि परिवर्तन ने इन्हे खेल की दुनिया का बादशाह बनाया लेकिन सूर्य शनि और गुरु ये तीनों राजनीति के ग्रह इनके लिए बिल्कुल भी अनुकूल नहीं है।
सप्तम भाव पर मंगल केतु सूर्य शनि की दृष्टि अनेक स्त्रियां रखने वाला बना रही है और उन्ही के द्वारा साजिश की जाने की ओर इशारा कर रही है। मित्र भाव में केतु विराजमान है जो की मंगल राहु से दृष्ट है। यहां इस बात का प्रबल संकेत है कि अगर व्यक्ति राजनीति में आएगा तो अपनों के ही द्वारा मुसीबत में फंस जाएगा। चन्द्रमा शनि एक दूसरे से छह और अष्टम भाव में विराजमान है जो की बेहद गंभीर दोष है।
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यह कुंडली देखकर ऐसा लग रहा है कि इमरान खान को जल्द आर्मी एक्ट में फसा दिया जायेगा। वर्तमान में इनके लग्न में राहु गुरु का गोचर है और दोनों कुंडली में शुभ नहीं है। मंगल इस समय गोचर में नीच है जो की चौथे भाव में बैठकर मारक स्थान को देख रहा है। इनकी कुंडली में छठे,आठवें और द्वादश भाव के स्वामी केंद्र में विराजमान है जो कि इस ओर संकेत कर रहे हैं कि भविष्य में इन्हे जहर देकर भी मारा जा सकता हैं।