Budh Gochar 2025: मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध लग्न और चौथे भाव के स्वामी होते हैं। बुधदेव आपकी राशि के बारहवें भाव में गोचर करेंगे। कुंडली का बारहवां भाव मोक्ष, विदेश यात्रा और खर्चों को होता है।
Budh Gochar 2025: बुध का गोचर बहुत ही कम अंतराल पर होता है। 7 मई को बुध मेष राशि में गोचर किया था और अब 23 मई को बुध वृषभ राशि में गोचर करने जा रहे हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को राजकुमार माना जाता है। बुध ग्रह संचार, वाणी और तर्क क्षमता का कारक होता है। बुध के शुक्र की राशि में गोचर करने से मिथुन राशि वालों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा। आइए करते हैं इसका ज्योतिषीय विश्लेषण।
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बुध का मिथुन राशि पर प्रभाव
मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध लग्न और चौथे भाव के स्वामी होते हैं। बुधदेव आपकी राशि के बारहवें भाव में गोचर करेंगे। कुंडली का बारहवां भाव मोक्ष, विदेश यात्रा और खर्चों को होता है। बुध के गोचर करने से मिथुन राशि के जातकों को अचानक धन लाभ होने की संभावना है। सेहत में कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है। आपको अपने कुछ पुराने दोस्तों संग मेल-मिलाप करने का मौका मिलेगा। जो काम अधूरा था वह अब पूरा होगा। रोमांस के मामले में आपका रिश्ता पक्का हो सकता है।
बुध का कुंडली पर प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं।