कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण, मकर राशि पर अंतिम चरण और मीन राशि पर पहला चरण चल रहा है। वहीं कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या जारी है।
Shani Sade Sati: ज्योतिष में शनि ग्रह का विशेष महत्व होता है। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। शनिदेव को न्याय और कर्म फलदाता माना गया है। ये जातकों को उनके द्वारा किए गए अच्छे कर्म के आधार पर अच्छा फल और बुरे कर्म करने पर बुरे परिणाम देते हैं। शनि किसी एक राशि से दूसरी राशि में स्थान परिवर्तन करने के लिए लगभग ढ़ाई वर्षो का समय लगाते हैं। जब भी शनि का राशि परिवर्तन होता है इसका प्रभाव देश-दुनिया के साथ हर एक जातक के जीवन पर अवश्य ही पड़ता है। शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या बहुत ही कष्टकारी मानी जाती है। जब भी किसी राशि पर साढ़ेसाती लगती है तो उसके जीवन में तरह-तरह के कष्ट मिलते हैं। शनि के राशि परिवर्तन करने से कुछ राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या शुरू हो जाती है वहीं कुछ पर चल रही साढ़ेसाती और ढैय्या खत्म हो जाती है।
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शनि एक से दूसरी राशि में करीब ढ़ाई वर्षों में गोचर करते हैं। आपको बता हैं शनि जनवरी 2024 को मकर से कुंभ राशि में प्रवेश किया था। ऐसे में मीन राशि पर शनि की साढे़साती शुरू हो गई थी, जबकि धनु राशि से साढ़ेसाती खत्म हो गई। इस तरह से मकर, कुंभ और मीन राशि पर अभी शनि की साढ़ेसाती जारी है। कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण, मकर राशि पर अंतिम चरण और मीन राशि पर पहला चरण चल रहा है। वहीं कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या जारी है। आज हम आपको यह बताने वाले हैं कि आने वाले 10 सालों में किन-किन राशि पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या रहेगी।
अगले 10 साल तक इन राशियों पर रहेगी साढ़ेसाती का प्रभाव
अभी शनि कुंभ राशि में हैं। ऐसे में वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक मीन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण जारी है और इन्हें 08 अगस्त 2029 को साढ़ेसाती से मुक्ति मिलेगी। कुंभ राशि पर साढे़साती का दूसरा चरण जारी है इन्हें 3 जून 2027 तक साढ़ेसाती से मुक्ति मिलेगी। वहीं मकर राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा और अंतिम चरण चल रहा और इस राशि के जातकों को 29 मार्च 2025 तक साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी।
शनि एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं फिर इसके बाद अगली राशि में जाते हैं। मार्च 2025 में शनि राशि परिवर्तन करेंगे। ऐसे में मेष राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी। मेष राशि के जातकों पर साढ़ेसाती 03 जुलाई 2024 तक रहेगी फिर इसके बाद ही इनको मुक्ति मिलेगी। साल 2027 से वृषभ राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का पहला चरण आरंभ होगा जो 2034 में खत्म होगा। इसके अलावा मिथुन राशि पर साढे़साती 08 अगस्त 2029 से शुरू हो और साल 2036 तक चलेगी। कर्क राशि वालों पर साढ़ेसाती 31 मई 2032 से शुरू होगी और 22 अक्तूबर 2038 पर खत्म होगी। इस तरह के आने वाले 10 से 15 वर्षों में कुंभ, मीन, मेष, वृषभ ,मिथुन और कर्क राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती रहेगी।
इन राशि वालों को मिलेगी ढैय्या से मुक्ति
कुंभ राशि जोकि शनि की मूल त्रिकोण राशि है वहां पर मौजूद हैं। इस तरह से कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या चल रही है। साल 2025 में शनि के राशि परिवर्तन करने से इन दोनों ही राशियों को ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी। जिन राशियों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती या फिर ढैय्या लगी होती है उनके लिए समय कष्टकारी रहता है। कार्यों में जल्दी से सफलता नहीं मिलती है। नौकरी में परेशानियां और व्यापार में नुकसान होता है।