शुक्रवार के स्वामी ग्रह शुक्र हैं और इसकी देवी लक्ष्मी हैं। जिन लोगों का जन्म दिन होता ही उन पर लक्ष्मी और शुक्र दोनों का प्रभाव होता है। यही कारण है कि इस दिन जन्म लेने वाले व्यक्ति भौतिक सुख-सुविधाओं एवं शौकीन मिजाज के होते हैं।
साज-ऋंगार इन्हें काफी पसंद होता है। मनोविनोद में इनकी काफी रूचि रहती हैं। जहां तक शारीरिक बनावट की बात है तो इस दिन जन्म लेने वाले व्यक्ति का सिर बड़ा होता और आंखें बड़ी और रंग गोरा होता है।
इनके बाल घुंघराले और भुजाएं लंबी होती है। इस दिन जन्म लेने वाले व्यक्तियों विपरीत लिंग के प्रति विशेष आकर्षण होता है। यह काफी चतुर होते हैं। कलात्मक चीजों एवं कला से इनका विशेष लगाव रहता है।
संगीत, लेखन, चित्रकला, फिल्म, फैशन, व्यूटी इंडस्ट्री में यह काफी सफल होते हैं। ऐसे व्यक्ति आमतौर पर प्रसन्न दिखाई देते हैं। इनके चेहरे पर रौनक होता है। विरोधियों को किस प्रकार से अपने पक्ष में किया जा सकता है यह कला इनमें खूब होती है।
बातों-बातों में किसी को अपनी ओर आकर्षित करने की भी इनमें अच्छी योग्यता होती है जिससे इनकी मित्रता का दायरा बड़ा होता है और अपने हंसी-मजाक वाले स्वभाव के कारण मित्रों में लोकप्रिय होते हैं।इस दिन जन्म लेने वाले व्यक्ति प्यार के बदले प्यार की अपेक्षा रखते हैं।
तारीफ सुनना इन्हें काफी अच्छा लगता है। बदलते मौसम में इन्हें अधिक सजग रहने की जरूरत होती है क्योंकि सर्दी-जुकाम इन्हें जल्दी लग जाती है। वृद्घावस्था में जोड़ों में दर्द एवं हड्डियों में पीड़ा होती है।