धरती पर भेजने से पहले भगवान सभी का भाग्य लिखकर भेजते हैं। भाग्य पूर्वजन्म के कर्मों से बनता है जो कुण्डली देखकर विस्तार से बताया जा सकता है लेकिन अंकशास्त्र के भी कुछ नियम हैं जिससे व्यक्ति अपने भाग्य की महत्वपूर्ण घटनाओं को आसानी से जान सकता है।
पूर्व के अंक में अपने भाग्यांक तीन के बारे में पढ़ा आज के अंक में भाग्यांक 4 के बारे में पढ़िए। अगर आपका भाग्यांक 4 है तो आपके जीवन में कई महत्वपूर्ण घटनाएं अचानक होंगी। इसका कारण यह है कि यह भाग्यांक राहु से प्रभावित होता है।
ज्योतिषशास्त्री चन्द्रप्रभा के कहती हैं अंक ज्योतिष के अनुसार इस भाग्यांक के व्यक्ति व्यवहार कुशल होते हैं। इनके विचार स्थिर नहीं होते लेकिन अच्छी बात यह है कि ऐसे व्यक्तियों के मन में नए-नए विचार आते रहते हैं और नवीन विचारों को पसंद भी करते हैं। ऐसे व्यक्ति की खूबी होती है कि अपनी मेहनत और लगन से देर से ही सही मंजिल पाकर ही रहते हैं।
इन्हें क्रोध जल्दी आता है, लेकिन जल्दी ही क्रोध पर काबू पा लेते हैं। इस भाग्यांक के व्यक्तियों में लेखन एवं तकनीकी विषयों के प्रति अधिक लगाव होता है। कला एवं संगीत के प्रति भी इनमें आकर्षण रहता है। ऐसे व्यक्तियों को चिकित्सा के क्षेत्र में कामयाबी मिलती है। भाग्यांक चार वाले व्यक्ति ईमानदार और वफादार होते हैं, सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर भी इन्हें अच्छी पहचान मिलती है।
आर्थिक मामलों में इन्हें अधिक सजग और सावधान रहने की जरुरत होती है। अन्यथा जीवन में कई बार आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अंख बंद करके किसी पर भी भरोसा करना इनके लिए नुकसानदेय होता है।
भाग्यांक जानने की विधि
अपनी जन्मतिथि को अंकों में लिख लीजिए जैसे आपकी जन्मतिथि 25 नवंबर 1984 है तो इसे 2+5+1+1+1+9+8+4 लिखें अब इन्हें जोड़ लें प्राप्तांक 31 होगा। भाग्यांक 10 से कम होना चाहिए इसलिए 3+1 लिखेंगे। इनका जोड़ 4 प्राप्त होगा। यानी 25 नवंबर 1984 को जिनका जन्म हुआ है उनका भाग्यांक 4 होगा।