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आज आसमान में दिखेगा अद्भुत नजारा, गुरु-शनि की होगी महायुति

Mon, 21 Dec 2020 10:51 AM IST
रुस्तम राणा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • 21 दिसंबर को गुरु-शनि का होगा ग्रेट कंजक्शन
  • 397 साल बाद दिखाई देगा यह नजारा
  • आकाश में दक्षिण-पश्चिम दिशा में देख सकते हैं यह नजारा
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शनि और गुरु का महासंयोग 2020 - फोटो : SELF
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विस्तार
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21 दिसंबर को गुरु और शनि ग्रह का महासंयोग होने जा रहा है। आकाश में इस खगोलीय घटना का बेहद अद्भुत और शानदार नजारा देखने को मिलेगा। यह साल 2020 की बड़ी खगोलीय घटनाओं में से एक होगी। गुरु-शनि का महासंयोग लगभग 397 साल देखने को मिलेगा। ऐसा महासंयोग साल 1623 में बना था जब ये दोनों बेहद करीब थे। खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार 21 दिसंबर को बृहस्पति और शनि एक-दूसरे से मिलते हुए प्रतीत होंगे। खगोल विज्ञान में इस घटना को महायुति या ग्रेट कंजक्शन के नाम से जाना जाता है। इसे क्रिसमस स्टार के नाम से भी जाना जाता है। 

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बृहस्पति ग्रह - फोटो : Pixabay
आकाश में ऐसे देख सकते हैं यह नजारा
21 दिसंबर को साल की सबसे लंबी रात होती है और इस रात में गुरु-शनि का मिलन होने वाला है। आकाश में यह नजारा आप दक्षिण-पश्चिम दिशा में देख सकते हैं। इस बड़ी घटना को नग्न आंखों से भी देखा जा सकता है। इसके साथ यह ग्रेट कंजक्शन दूरबीन से साफ और टेलिस्कोप के माध्यम से बहुत ही खूबसूरत नजर आ सकता है।


दोनों ग्रहों के बीच महज 0.1 डिग्री का रह जाएगा फासला
गुरु-शनि के ग्रेट कंजक्शन के दौरान दोनों ग्रहों के बीच केवल 0.1 डिग्री का फासला रह जाएगा। ऐसे में विशाल ग्रह गुरु और छल्लायुक्त ग्रह शनि एक दूसरे में मिलते हुए प्रतीत होंगे। इस घटना को 21 दिसंबर की शाम 5:30 से आधे से एक घंटे तक देखा जा सकेगा। 
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शनि ग्रह - फोटो : Pixabay
साल 2080 में भी होगा ठीक ऐसा ही ग्रेट कंजक्शन
इससे पहले ग्रेट कंजक्शन 31 मई 2000 को हुआ था, लेकिन तब सूर्य के नज़दीक होने के कारण इसे ठीक से नहीं देखा जा सका था। अब अगले ग्रेट कंजक्शन 5 नवम्बर 2040, उसके बाद 10 अप्रैल 2060 और 15 मार्च 2080 को होंगे। इनमें 2080 वाला ग्रेट कंजक्शन 21 दिसम्बर 2020 को होने वाले कंजक्शन जैसा होगा।

ऐसे बनता है ग्रेट कंजक्शन
सौर मंडल का पांचवां ग्रह बृहस्पति और छटा ग्रह शनि निरंतर सूर्य की परिक्रमा करते रहते हैं। गुरु की एक परिक्रमा लगभग लगभग 11.86 साल में हो पाती है तो शनि को लगभग 29.5 साल लग जाते हैं। परिक्रमा समय के इस अंतर के कारण लगभग हर 19.6 साल में ये दोनों ग्रह आकाश में साथ दिखने लगते हैं, जिसे ग्रेट कंजक्शन कहा जाता है।
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