शुक्रवार को पौष पूर्णिमा है और इस पौष पूर्णिमा के ही दिन साल 2020 का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा। ग्रहण 10 जनवरी की रात को 10 बजकर 34 मिनट से शुरू होगा जो रात के 2 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। कुल मिलाकर यह ग्रहण 4 घंटे तक रहेगा।
सूतक लगेगा या नहीं
इस ग्रहण को लेकर लोग कुछ दुविधा की में है कि सूतक लगेगा या नहीं। ज्योतिष के अनुसार सूतक का प्रभाव तब होता है जब ग्रहण लगता है। दरअसल 10 जनवरी की रात को लगने वाला चंद्र ग्रहण उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा। जिसे मांद्य ग्रहण कहा जाता है। मांद्य ग्रहण में चंद्रमा पर ग्रहण नहीं लगेगा बल्कि चांद मटमैला हो जाएगा। चूंकि ग्रहण बेहद कमजोर होने के नाते भारत में ग्रहण का कोई भी असर नहीं दिखेगा । इस कारण से सूतक प्रभावी नहीं होगा।
कहां-कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण
10 जनवरी को लगने वाला यह ग्रहण भारत समेत यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका में दिखाई देगा।
धार्मिक मान्यता
पौराणिक मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय देवताओं और दानवों के बीच अमृत पान के लिए युद्ध शुरू होने लगा, तब इस स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण किया। मोहिनी के इस मनमोहक रूप से सभी देवता और दानव उन पर मोहित हो उठे और तब भगवान विष्णु ने देवताओं और दानवों को अलग-अलग बिठा दिया। लेकिन ठीक उसी समय एक असुर भगवान विष्णु की इस चाल को समझ गया और वह असुर छल से देवताओं की लाइन में जाकर बैठ गया और अमृत पान करने लगा।
देवताओं की पंक्ति में बैठे सूर्य और चंद्रमा ने इस दानव को ऐसा करते हुए देख लिया और इस बात की जानकारी भगवान विष्णु को दे दी, जिसके बाद भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से दानव का सिर धड़ से अलग कर दिया। लेकिन तब तक उस दानव ने अमृत को गले तक उतार लिया था, जिसके कारण उसकी मृत्यु नहीं हुई और उसके सिर वाला भाग राहू और धड़ वाला भाग केतू के नाम से जाना गया। इसी वजह से राहू और केतु सूर्य और चंद्रमा को अपना शत्रु मानते हैं। पूर्णिमा और अमावस्या के दिन सूर्य और चंद्रमा का ग्रास कर लेते हैं। इसे सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण कहते हैं।
वैज्ञानिक मान्यता
पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है जबकि चंद्रमा पृथ्वी के चारो ओर घूमती है। पृथ्वी और चंद्रमा घूमते-घूमते एक समय पर ऐसे स्थान पर आ जाते हैं जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा तीनो एक सीध में रहते हैं। जब पृथ्वी धूमते-धूमते सूर्य व चंद्रमा के बीच में आ जाती है। चंद्रमा की इस स्थिति में पृथ्वी की ओट में पूरी तरह छिप जाता है और उस पर सूर्य की रोशनी नहीं पड़ पाती है इसे चंद्र ग्रहण कहते है।
साल 2020 में कब-कब ग्रहण
साल 2020 में 4 चंद्र ग्रहण पड़ेगा और 2 सूर्य ग्रहण।
10 जनवरी- चंद्र ग्रहण
5 जून 2020- चंद्र ग्रहण
21 जून 2020- सूर्य ग्रहण
5 जुलाई 2020- चंद्र ग्रहण
30 नवंबर 2020- चंद्र ग्रहण
14 दिसंबर2020- सूर्य ग्रहण