वर्ष गेहूं की उत्पादकता (क्विंटल प्रति हेक्टेयर में)
2016-17 43.63
2017-18 43.65
2018-19 46.64
ऐसे हुआ किसानों को घाटा
गेहूं का एमएसपी 2015 रुपये प्रति क्विंटल है। इस हिसाब से प्रति हेक्टेयर 44 क्विंटल की औसत उत्पादकता पर किसानों को 88,660 रुपये की आय होती। इस बार औसत उत्पादकता करीब 31 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। इस हिसाब से किसानों को 62465 रुपये ही मिल पा रहे हैं जो 26195 रुपये प्रति हेक्टेयर कम है।
जनपद में इस साल गेहूं का रकबा करीब 80 हजार हेक्टेयर था। इस हिसाब से जनपद के किसानों को एक मोटे अनुमान के तौर पर करीब 210 करोड़ रुपये का झटका लगा है।
अब दाम भी घट रहे
खुले बाजार में सरकारी केंद्रों से ज्यादा भाव मिल रहा था। गेहूं के निर्यात पर रोक के बाद अब जिले में दाम गिरने लगे हैं। सरकार को नुकसान की भरपाई के लिए बोनस देना चाहिए। - गांव नंगला गौसाई निवासी राम पहल और मसूरी निवासी
सरकार दे राहत
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत और राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने गेहूं की उत्पादकता में भारी कमी से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार से बोनस दिए जाने की मांग की है। टिकैत ने कहा कि भाकियू इसके लिए जल्द ही जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन देगी।