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क्या रूस-अमरीका के बीच 'ट्रेड वॉर' छिड़ जाएगा?

Thu, 03 Aug 2017 08:39 PM IST
BBC हिंदी
BBC हिंदी Updated Thu, 03 Aug 2017 08:39 PM IST
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Will the trade war sprinkle between Russia and USA
फाइल
अमरीका के नए प्रतिबंध पर रूस ने कड़ा एतराज जताया है। रूसी प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवेदेव ने कहा कि रूस पर अमरीकी प्रतिबंध पूर्ण रूप से ट्रेड वॉर की घोषणा की तरह है। 
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मेदवेदेव ने कहा कि डोनल्ड ट्रंप की तरफ से नए प्रतिबंध पर हस्ताक्षर किया जाना दर्शाता है कि वह कितने लाचार हैं। रूसी प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्रपति ट्रंप को अपमानित किया है। अमरीका के इस नए प्रतिबंध का उद्देश्य 2016 के अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में कथित हस्तक्षेप और यूक्रेन में कार्रवाई के खिलाफ रूस को दंडित करना बताया है। ट्रंप ने कांग्रेस को इस प्रतिबंध के लिए जिम्मेदार ठहराया है। 
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बुधवार को नए प्रतिबंध पर हस्ताक्षर करने के बाद ट्रंप ने कहा कि इसके नतीजे अमरीका के हक में नहीं होंगे। अमरीका के इस नए प्रतिबंध के बाद अमरीकियों के लिए रूसी एनर्जी प्रोजेक्ट में निवेश करना आसान नहीं रहा। इसके साथ ही अमरीकी कंपनियों के लिए रूस में व्यापार करना काफी मुश्किल हो गया है। रूस के अलावा अमरीका ने ईरान और उत्तर कोरिया के खिलाफ भी प्रतिबंध लगाया है।
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ईरान ने नई अमरीकी पाबंदी पर कहा कि यह ओबामा के कार्यकाल में हुए परमाणु समझौते का उल्लंघन है। ईरान की अर्ध सरकारी समाचार एजेंसी इस्ना के मुताबिक ईरान ने कहा कि वह इस पाबंदी का उचित और बराबर में जवाब देगा। उत्तर कोरिया ने अमरीकी पाबंदी पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। रूसी प्रधानमंत्री मेदवेदेव ने बुधवार को अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि अमरीका की तरफ से नई पाबंदी सो वहां नई सरकार आने के बाद संबंध सुधरने की जो उम्मीद जगी थी, उसका अंत हो गया है। 

जर्मनी समेत कई यूरोपीय देशों ने आर्थिक दुष्परिणामों की आशंका जताई

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Donald Trump
मेदवेदेव ने लिखा है, ''प्रतिबंधात्मक शासन पद्धति को स्थापित कर दिया गया है। जब तक कोई चमत्कार न हो जाए तब तक इसका असर आने वाले कई दशकों तक बना रहेगा। मेदवेदेव ने यह भी चेतावनी दी कि नया कदम राष्ट्रपति ट्रंप को हटाने में मददगार साबित होगा। रूस 2016 में अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में किसी भी तरह के हस्तक्षेप से इनकार करता रहा है। पिछले हफ्ते रूस ने अमरीका को मॉस्को स्थित अमरीकी दूतावास से 455 स्टाफों को वापस बुलाने का आदेश दिया था। 

इस मामले में जर्मनी समेत कई यूरोपीय देशों ने आर्थिक दुष्परिणामों की आशंका जताई है। हालांकि यूरोपीय यूनियन कमीशन के अध्यक्ष जीन क्लॉड युंकर ने ईयू की चिंता के बाद पांबदी को उदार बनाए जाने को लेकर संतोष जताया है। उन्होंने कहा, अमरीकी कांग्रेस ने इस बात पर प्रतिबद्धता जताई है कि वह पाबंदी सहयोगी देशों से मशविरा के बाद ही लागू करेगा। मैं मानता हूं कि हम अब भी अमरीका के सहयोगी हैं। 

राष्ट्रपति ट्रंप इस बात को लगातार खारिज करते रहे हैं कि उनके कैंपेन स्टाफ की सांठगांठ रूस के साथ थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने कांग्रेस पर बिल पास करने में मनमानी करने का आरोप लगाया है। 

ट्रंप ने यह भी कहा कि कांग्रेस संवैधानिक अधिकारों का अतिक्रमण कर रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह कांग्रेस के मुकाबले बाहरी देशों से ज्यादा बेहतर समझौता कर सकते हैं। ट्रंप ने रूस पर नए प्रतिबंध वाले बिल पर हस्ताक्षर भले कर दिया, लेकिन वह खुश नहीं हैं। कांग्रेस और राष्ट्रपति ट्रंप में टकराव साफ देखने को मिल रहा है। हेल्थकेयर बिल में भी ट्रंप को कांग्रेस से भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस और ट्रंप के रुख में लकीर साफ दिख रही है। 
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