साउथ कोरिया का राष्ट्रपति कार्यालय और वायग्रा की 400 गोलियां
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दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति पार्क गियून-हाय की निजी जिंदगी को लेकर कई तरह के सवाल उठते रहे हैं। लेकिन ताजा मामला सबसे रोचक है। ये मामला कामोत्तेजक दवाई वायग्रा की गोलियां खरीदने से जुड़ा है। वायग्रा ऐसी दवा है जिससे पुरुषों में कामोत्तेजना बढ़ती है।
ये बात सामने आई है कि राष्ट्रपति के दफ्तर ने भारी मात्रा में वायग्रा की गोलियां खरीदी हैं। फिर क्या था, ये बात सार्वजनिक होते ही राष्ट्रपति दफ्तर को बचाव में उतरना पड़ा। आखिरकार राष्ट्रपति कार्यालय से आधिकारिक बयान जारी किया गया।
वायग्रा की खोज कैसे हुई थी
राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा, ''वायग्रा की लगभग 400 गोलियां खरीदी गईं थीं। पू्र्वी अफ्रीका के दौरे पर ऊंचाई के कारण होने वाली बीमारी से निपटने के लिए इन गोलियां का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि उन गोलियों का कभी भी इस्तेमाल नहीं किया गया था।''
राष्ट्रपति पार्क गियून-हाय पर ऐसे आरोप लगते रहे हैं कि उनके एक बहुत ही पुराने पुरुष दोस्त उनके फैसलों को प्रभावित करते हैं। मीडिया में इस तरह की बातें होती रहती हैं कि राष्ट्रपति क्या पहनती हैं इससे लेकर सरकारी काम काज से जुड़े फैसले पर भी राष्ट्रपति के ये मित्र अपना प्रभाव डालते हैं।
राष्ट्रपति पार्क गियून-हाय के कार्यालय ने किस लिए खरीदी थीं वायग्रा की गोलियां वो भले ही चर्चा का विषय हो लेकिन इसी बहाने जानते हैं कि वायग्रा की खोज कैसे हुई थी। हृदय से जुड़ी एक बीमारी एंजाइना की दवा के रूप में यूके92480 का टेस्ट किया जा रहा था। लेकिन इसका नतीजा निराशाजनक था जिसके कारण इसको बनाने वाली कंपनी फाइजर ने इसके टेस्ट को बंद करने का लगभग फैसला कर लिया था।
तभी इस दवा की टेस्ट से जुड़े लोगों ने एक ऐसी बात शेयर की जिससे सभी चौंक गए। उन लोगों ने बताया कि इस दवा के इस्तेमाल से उनमें कामोत्तेजना बढ़ रही है और एक नई तरह की उर्जा का अनुभव कर रहे हैं।
कंपनी के वरिष्ठ वैज्ञानिक क्रिस वेमैन को इसकी जांच करने के लिए कहा गया और उनकी जांच ने दुनिया को ये खास दवा दे दी। 1998 में जब वायग्रा की खोज की गई उससे पहले तक इरेक्टाइल डिसफक्शन से निपटने के लिए खाने वाली कोई दवा नहीं थी। इंजेक्शन और दूसरे उपाय जरूर थे लेकिन ये बहुत ज्यादा कारगर नहीं थे। लेकिन एंजाइना की नाकाम दवा ने दुनिया को ऐसी दवा दी जो सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं में से एक बन गई है।