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बांग्लादेश में रोहिंग्या शरणार्थियों को अधिक मदद की जरूरत: UN
एजेंसी/ कॉक्स बाजार
Updated Mon, 25 Sep 2017 03:43 AM IST
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- फोटो : SOCIAL MEDIA
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि बांग्लादेश में रोहिंग्या शरणार्थियों को अधिक मदद की आवश्यकता है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी संस्था के उच्चायुक्त फिलिप्पो ग्रांडी ने कहा कि दक्षिणी बांग्लादेश के कॉक्स बाजार के शिविरों में क्षमता से अधिक शरणार्थी हैं। इन लोगों को विशाल चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रांडी ने कहा कि शरणार्थियों को भोजन, स्वच्छ पेयजल, आश्रय और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत है। उन्होंने कहा कि स्थानीय रूप से काफी उदारता दिखाई जा रही है लेकिन अब बहुत बड़े पैमाने पर वित्तीय और सामग्री के रूप में अंतरराष्ट्रीय मदद बढ़ाए जाने की जरूरत है।
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि म्यांमार के रखाइन प्रांत में हिंसा भड़कने के बाद से करीब 4.36 लाख मुस्लिम अल्पसंख्यक रोहिंग्या शरणार्थी बांग्लादेश पहुंच चुके हैं। ग्रांडी ने कहा कि यूएन बांग्लादेश को रोहिंग्या शरणार्थियों के पंजीकरण के संबंध में तकनीकी मदद उपलब्ध करा रहा है जिन्हें म्यांमार अवैध प्रवासी मानता है।
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बांग्लादेश के वरिष्ठ मंत्री अमीर हुसैन ने रविवार को कहा, ‘नए आने वाले रोहिंग्या मुसलमानों को शरणार्थी का दर्जा दिए जाने के लिए ‘इस समय कोई योजना नहीं’ है। हम चाहते हैं कि रोहिंग्या अपने देश लौट जाएं।
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ग्रांडी ने कहा कि शरणार्थियों को भोजन, स्वच्छ पेयजल, आश्रय और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत है। उन्होंने कहा कि स्थानीय रूप से काफी उदारता दिखाई जा रही है लेकिन अब बहुत बड़े पैमाने पर वित्तीय और सामग्री के रूप में अंतरराष्ट्रीय मदद बढ़ाए जाने की जरूरत है।
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संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि म्यांमार के रखाइन प्रांत में हिंसा भड़कने के बाद से करीब 4.36 लाख मुस्लिम अल्पसंख्यक रोहिंग्या शरणार्थी बांग्लादेश पहुंच चुके हैं। ग्रांडी ने कहा कि यूएन बांग्लादेश को रोहिंग्या शरणार्थियों के पंजीकरण के संबंध में तकनीकी मदद उपलब्ध करा रहा है जिन्हें म्यांमार अवैध प्रवासी मानता है।
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बांग्लादेश के वरिष्ठ मंत्री अमीर हुसैन ने रविवार को कहा, ‘नए आने वाले रोहिंग्या मुसलमानों को शरणार्थी का दर्जा दिए जाने के लिए ‘इस समय कोई योजना नहीं’ है। हम चाहते हैं कि रोहिंग्या अपने देश लौट जाएं।