फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   When a doctor says I am tired of eating human flesh

जानें, क्यों एक डॉक्टर ने कहा- 'मैं इंसानी मांस खाते-खाते थक चुका हूं'

Tue, 29 Aug 2017 10:47 AM IST
बीबीसी, हिंदी
बीबीसी, हिंदी Updated Tue, 29 Aug 2017 10:47 AM IST
विज्ञापन
When a doctor says I am tired of eating human flesh
पुलिस को आरोपी के घर से मानव शरीर के कई हिस्से मिले हैं

दक्षिण अफ्रीका के क्वाजुलु-नटाल प्रांत के गांव शायामोया में उस वक्त हड़कंप मच गया था, जब एक बिना सिर वाली लाश मिली थी। 25 साल की जानेल लाशवेयो जुलाई से लापता थीं। उनका परिवार मानता है कि वह नरभक्षण का शिकार हुईं। इस मामले में पुलिस अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

विज्ञापन


यह मामला तब सामने आया जब खुद को पारंपरिक चिकित्सक बताने वाला एक शख्स पुलिस के पास पहुंचा और उसने स्वीकार किया कि वह इंसान का मांस खाते खाते थक चुका है। उसकी निशानदेही पर जानेल का शव बरामद किया गया।
विज्ञापन


सबूत के तौर पर खून से लथपथ हाथ-पांव
खबरों के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों ने पहले उसकी बात पर भरोसा नहीं किया। लेकिन जब उसने खून से लथपथ हाथ-पांव सबूत के तौर पर पेश किए तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।इसके बाद वह पुलिस को अपने किराये के घर में ले गया जहां खाना पकाने के एक बर्तन में आठ मानव कान रखे हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें:- एम्स के डॉक्टरों ने शुरू की सर्जरी, भारत में पहली बार हो रहा ऐसा ऑपरेशन

माना जा रहा है कि यह आरोपी की ओर से ग्राहकों को पेश किए जाने थे। उन्हें बताया गया था कि इसे खाने से उन्हें पैसा, ताक़त और हिफ़ाज़त मिलेगी। वहां एक और सूटकेस में शरीर के कई हिस्से मिले। जानेल लाशवेयो के खून से सने और फटे हुए कपड़े भी पुलिस ने बरामद किए हैं। उनके परिवार ने कपड़ों की पहचान कर ली है। हालांकि ये हिस्से जानेल के शरीर के ही हैं, इसकी पुष्टि के लिए पुलिस अभी डीएनए नतीजों का इंतजार कर रही है।

बहुत दर्दनाक मौत
जानेल के परिवार ने अभी उनके शरीर के हिस्सों को दफनाया नहीं है। उनकी बड़ी बहन नोजिफो एन्टेलेले ने अपने आंसू पोंछते हुए कहा, ''हम बस यही सोच रहे हैं कि उसने कैसे अपनी जान की भीख मांगी होगी। उसे बहुत दर्दनाक मौत मिली।'' उन्होंने कहा, "उसके कपड़े घास और धूल से सने थे, जिससे साफ़ है कि उसने अपनी जान बचाने के लिए बहुत कोशिश की थी।"

'मांस की बदबू आती थी'

When a doctor says I am tired of eating human flesh
इन चट्टानों के नीचे मिली ज़ानेल की लाश

आरोपी देसी चिकित्सक एस्कोर्ट के पास अन्सबर्गड्रिफ्ट में रहता था। उसे वहां 'मोन्योवू' कहा जाता है। जुलू भाषा में इसका अर्थ होता है 'भ्रष्ट'। उसने फिलानी मगुबाने नाम के व्यक्ति से यह घर किराये पर लिया था। फिलानी के भाई को भी आरोपी का सहयोगी होने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है।

फिलानी ने बताया, 'मैं यह जानकर दंग रह गया कि मेरा छोटा भाई ऐसे लोगों के झांसे में आ सकता है। वह बिल्कुल मेरी तरह गरीब था और उसने उन्हें शोहरत का लालच दिया।' फिलानी ने बताया कि आस-पास के किराएदार वहां सड़े हुए मांस की बदबू की शिकायत करते थे। उनके मुताबिक, ''मोन्योवू दो महीने से ही उस घर में रह रहा था। मुझे बिल्कुल नहीं पता था कि वहां उसने मानव शरीर के टुकड़े रखे हैं क्योंकि मैं उस तरफ नहीं रहता।''

...ताकि बना सके​ 'जादुई ताबीज'
फिलानी मगुबाने को लगता है कि मोन्योवू ने उनके भाई और तीन अन्य बेरोजगार लड़कों को फुसलाकर अपने साथ लगा लिया था। आरोप है कि वह इन लड़कों को आधी रात में कब्रें खोदने के लिए भेजता था, ताकि वह 'जादुई ताबीज' बना सके।

मामले में गिरफ्तार पांचों आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश किया गया। उनके खिलाफ अदालत के बाहर विरोध प्रदर्शन भी हुए। उनकी जमानत याचिका खारिज़ कर दी गई और सितंबर के आखिर में उन्हें दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले में पुलिस और लोगों को गिरफ़्तार कर सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed