एक ऐसा देश जहां का राष्ट्रपति चलाता था हत्यारों का गिरोह
राष्ट्रपति किसी भी देश का सर्वोच्च नागरिक होता है। वह देश की कानून व्यवस्था अपनी नजरें हमेशा बनाए रखता है लेकिन एक ऐसा भी देश है जहां के राष्ट्रपति का 'हत्यारों का गिरोह' चलाने में नाम आया है। हम बात कर रहे हैं फिलीपींस की जहां के राष्ट्रपति रॉड्रिगो दुतर्ते पर आरोप लगा है कि वे 'हत्यारों का गिरोह' चलाते थे।
अपराधियों को मारने के लिए वह पुलिस और हत्यारों को पैसा दिया करते थे। फिलीपींस के एक पूर्व पुलिस अधिकारी आर्थर लेसकेनस ने आरोप लगाते हुए कहा है कि वह खुद भी इन गुप्त हत्याओं में शामिल रह चुका है। आर्थर का कहना है कि 1988 में जब दुतर्ते दवाओ के दक्षिणी शहर के मेयर बने थे तब यह गिरोह अस्तित्व में आया था।
आर्थर के मुताबिक वह खुद भी ऐसे ही एक समूह का सरगना रह चुका है। हालांकि फिलीपींस के राष्ट्रपति दुतर्ते ने अपने ऊपर लगे इन आरोपों को नकारा है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी की भी हत्या नहीं करवाई है।
'हत्यारों के गिरोह को पैसा देकर ड्रग डीलरों की होती थी हत्या'
न्यूयार्क टाइम्स की खबर के मुताबिक जून में जबसे दुतर्ते ने राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभाला है तब से फिलीपींस में 3600 से अधिक लोगों की पुलिस द्वारा हत्या कर दी गई है। खबर के मुताबिक कई अधिकार समूहों का कहना है कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि पुलिस ने हत्यारों के गिरोह को पैसा देकर ड्रग डीलरों की हत्या करवाई हो।
हालांकि वहां के अधिकारी इस बात से इनकार करते हैं। खुद को हत्यारों के गिरोह का हिस्सा बताते हुए ऑर्थर ने कहा कि उसने खुद ड्रग डीलर्स और अपराधियों को गुपचुप तरीके से मौत के घाट उतारा है और यह सब मौजूदा राष्ट्रपति दुतर्ते के इशारों पर होता था।
आर्थर का कहना है कि दवाओ डेथ स्क्वॉड (DDS) असल में था।और जब दुतर्ते मेयर बने तब DDS ने लोगों को मारने का काम शुरू किया। वह खुद इस DDS का हिस्सा था।
मरने वाले के 'स्टेटस' पर निर्भर होता था ईनाम
आर्थर का कहना कि उसका समूह ऐसे लोगों को मारता था जिन पर दवाओ शहर में अपराध फैलाने पर शक होता था और यह सब उस समय दवाओ शहर के मेयर दुतर्ते (जो फिलीपींस के मौजूदा राष्ट्रपति हैं) के कहने पर होता था।
खबर के मुताबिक 56 वर्षीय आर्थर का कहना है कि पहले तो वह और उसका समूह दवाओ डेथ स्क्वॉड (DDS) छोटे मोटे आपराधियों और ड्रग डीलरों को मारता था लेकिन बाद में दुतर्ते ने अपने राजनीतिक विरोधियों को मारने के लिए भी फोर्स किया था।
आर्थर दूसरा ऐसा व्यक्ति है जिसने खुले तौर पर राष्ट्रपति दुतर्ते पर 'हत्यारों का गिरोह' चलाने का आरोप लगाया है। इससे पहले पिछले साल एडगर मातोबतो नाम के सीरियल किलर ने राष्ट्रपति दुतर्ते पर यह आरोप लगाए थे।
आर्थर का कहना है कि हत्याओं के लिए स्क्वॉड के सदस्यों को आमतौर पर 400 से 1000 डॉलर दिया जाता था। यह राशि पर उस मरने वाले व्यक्ति के स्टेटस पर निर्भर करती थी।