भारत अमेरिका की दोस्ती से घबराया पाक, चीन से करेगा नया करार
भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते रक्षा संबंधों ने पाकिस्तान की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में उसने अपने पुराने सहयोगी चीन के साथ दीर्घकालिक रक्षा करार एवं सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। एक मीडिया रिपोर्ट में रविवार को दावा किया गया कि पाक कैबिनेट ने इस बाबत मंजूरी भी दे दी है।
15 जुलाई को लाहौर में गवर्नर हाउस पर पाक पीएम नवाज शरीफ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई थी, जिसमें चीन के साथ रक्षा करार को लेकर सहमति बनी।
यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब एक हफ्ते पहले ही अमेरिका ने भारत के साथ एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक समझौता किया है जिसके तहत एक दूसरे के सैन्य अड्डों का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
ये है इस रक्षा करार की महत्वपूर्ण बात
एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक एक ऐसे दीर्घकालिक रणनीतिक समझौते को अंतिम रूप देने पर आम सहमति बनी है जिसके तहत रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग बढ़ाया जाएगा। पाक कैबिनेट ने मंजूरी देने से पहले इस प्रस्तावित समझौते पर विस्तृत चर्चा की।
कैबिनेट को बताया गया कि यह समझौता एक दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता एवं संप्रभुता का सम्मान करने के साथ ही आंतरिक मामलों में दखल न देने एवं समानता व सहयोग के सिद्धांतों पर आधारित होगा।
इसके तहत रक्षा एवं सुरक्षा के क्षेत्र में रणनीति लाभ के लिए (जिसमें हथियार एवं प्रौद्योगिकी का स्थानांतरण भी शामिल है) शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के तहत काम किया जाएगा।