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बिंदी देखते ही पाक में हिंदू लड़कियों का हो जाता बहिष्कार, दो लड़कियों ने बयां किया दर्द
एजेंसी/ इस्लामाबाद
Updated Sun, 19 Nov 2017 06:15 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
सफर के दौरान लोगों की नजर मेरी बिंदी पर टिकी रही। जैसे लोग पूछना चाह रहे हों, ये यहां क्या कर रही है। एक आंटी ने मेरे बगल में बैठी लड़की से कह ही दिया देखो, कैसे मेट्रो में बिंदी लगाकर घूम रही है।
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फिर बोलीं, आप जहां रहते हैं, वहां की संस्कृति में ढल जाना चाहिए। पाकिस्तान के सार्वजनिक परिवहन में अपने साथ हुए भेदभाव को बयां करते हुए उजाला हयात ने ये बात कही। उजाला पाकिस्तान में रहती हैं, हिंदू हैं और नेशनल आर्ट कॉलेज में ललित कला की छात्रा हैं।
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एक असाइनमेंट के सिलसिले में उन्होंने सार्वजनिक परिवहन में बिंदी लगाकर यात्रा की। इस असानमेंट का मकसद सार्वजनिक परिवहन में हिंदू महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव को जानना था।
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नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माडर्न लैंग्वेज की एक छात्रा वर्षा अरोड़ा का भी अनुभव कुछ ऐसा ही रहा। वर्षा के मुताबिक जैसे ही लोगों को पता चलता है कि आप हिंदू हैं, तो लोग जानना चाहते हैं कि वे कब से पाकिस्तान में कब से रह रही हैं।
कई लोग तो यह भी कह देते हैं कि आप शुरुआत से पाकिस्तान में रह रही हैं तो कभी धर्म बदलने का ख्याल नहीं आया। वर्षा और उजाला कहती हैं कि उन्हें देखकर सार्वजनिक परिवहन में लोगों ने अपनी सीटें बदल दी।
वर्षा के मुताबिक कॉलेज में शुरुआती दिनों में दूसरी लड़कियों के साथ दोस्ती करने में दिक्कत आई। लड़कियां उनके साथ खाना पसंद नहीं करती थीं। हालांकि अब सब बदल गया है। लड़कियों ने एक इंसान के तौर पर उन्हें पहचाना और उनकी दोस्त बन गईं।
उजाला के मुताबिक पाकिस्तान समाज में असहिष्णुता है। अलग धर्म, अलग पहचान और अलग सोच को बर्दाश्त नहीं किया जाता। कोई लड़की जींस पहनकर बाजार में निकल जाए तो उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। हालांकि वर्षा की राय अलग है। वर्षा कहती हैं कि भारतीय टीवी चैनल और उस पर आने वाले सीरियल को देखकर पाकिस्तानी भी हिंदुओं को कबूल करने लगे हैं।