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जानिए, क्यों व्हाट्सएप से बैन हटाना चाहता है सऊदी अरब
बीबीसी, हिंदी
Updated Thu, 21 Sep 2017 09:41 PM IST
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व्हाट्सएप
- फोटो : APF
सऊदी अरब में व्हॉट्सएप और स्काइप जैसी वॉइस और वीडियो कॉल एप्लीकेशन से पाबंदी हटा ली जाएगी। आर्थिक विकास और उत्पादकता को बढ़ावा देने के मकसद से यह फैसला लिया गया है।
संचार मंत्रालय ने कहा कि बुधवार से यूजर वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) का इस्तेमाल कर पाएंगे। अब तक सऊदी अरब में वीओआईपी पर प्रतिबंध था।
अभी कुछ ही दिन पहले सऊदी अरब में स्नैपचैट ने अपनी एप्लीकेशन से अल जजीरा को ब्लॉक कर दिया था। सऊदी के अधिकारियों ने कतर के इस चैनल पर आतंकवादियों का समर्थन करने का आरोप लगाया था।
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अल जजीरा ने इस आरोप को गलत बताया था। स्नैपचैट पर ब्लॉक किए जाने के बाद अल जजीरा ने कहा था कि यह दुनिया भर में निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों और मीडियाकर्मियों पर सीधा हमला है।
मई में कतर से राजनयिक संबंध तोड़ने के बाद सऊदी अरब ने देश में अल जजीरा वेबसाइट पर भी पाबंदी लगा दी थी। सऊदी अरब और उसके सहयोगी देश मानते हैं कि कतर ने क्षेत्र में आतंकवाद को बढ़ावा दिया है।
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संचार मंत्रालय ने कहा कि बुधवार से यूजर वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) का इस्तेमाल कर पाएंगे। अब तक सऊदी अरब में वीओआईपी पर प्रतिबंध था।
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अभी कुछ ही दिन पहले सऊदी अरब में स्नैपचैट ने अपनी एप्लीकेशन से अल जजीरा को ब्लॉक कर दिया था। सऊदी के अधिकारियों ने कतर के इस चैनल पर आतंकवादियों का समर्थन करने का आरोप लगाया था।
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अल जजीरा ने इस आरोप को गलत बताया था। स्नैपचैट पर ब्लॉक किए जाने के बाद अल जजीरा ने कहा था कि यह दुनिया भर में निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों और मीडियाकर्मियों पर सीधा हमला है।
मई में कतर से राजनयिक संबंध तोड़ने के बाद सऊदी अरब ने देश में अल जजीरा वेबसाइट पर भी पाबंदी लगा दी थी। सऊदी अरब और उसके सहयोगी देश मानते हैं कि कतर ने क्षेत्र में आतंकवाद को बढ़ावा दिया है।
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इंटरनेट पर कब चली कैंची?
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- फोटो : APF
2011 की अरब क्रांति के बाद सरकार विरोधी प्रदर्शनों और व्यापक आंदोलन के बाद सऊदी अरब ने इंटरनेट पर सेंसरशिप लगा दी थी। इस दौरान चार लाख वेबसाइटों तक लोगों की पहुंच रोक दी गई थी।
2013 में सऊदी संचार और सूचना प्रौद्योगिकी आयोग ने सभी टेलीकॉम कंपनियों से कहा था कि उन्हें नियमों का पालन करना होगा।
आयोग ने यह नहीं बताया कि किस नियम की अनदेखी की गई, लेकिन यह जरूर कहा था कि समाज को नकारात्मकता के बचाने लिए ऐसा किया जा रहा है, जिससे जनहित प्रभावित हो सकता था।
हालांकि अब संचार मंत्रालय का कहना है कि पाबंदी हटाए जाने के बाद डिजिटल उद्यमों का विकास होगा और इससे ऑपरेशनल खर्च भी कम हो जाएंगे।
2013 में सऊदी संचार और सूचना प्रौद्योगिकी आयोग ने सभी टेलीकॉम कंपनियों से कहा था कि उन्हें नियमों का पालन करना होगा।
आयोग ने यह नहीं बताया कि किस नियम की अनदेखी की गई, लेकिन यह जरूर कहा था कि समाज को नकारात्मकता के बचाने लिए ऐसा किया जा रहा है, जिससे जनहित प्रभावित हो सकता था।
हालांकि अब संचार मंत्रालय का कहना है कि पाबंदी हटाए जाने के बाद डिजिटल उद्यमों का विकास होगा और इससे ऑपरेशनल खर्च भी कम हो जाएंगे।