फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China ›   smog terror continuous in Delhi know how china is fighting from it

जानें Smog के दानव से निपटने के लिए किस ब्रह्मास्त्र का इस्तेमाल कर रहा चीन?

Mon, 13 Nov 2017 02:47 PM IST
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार Updated Mon, 13 Nov 2017 02:47 PM IST
विज्ञापन
smog terror continuous in Delhi know how china is fighting from it

दिल्ली-एनसीआर समेत इससे सटे राज्यों में जहरीली हवा का आतंक बरकरार है और हर तरफ फैले इस स्मॉग ने सांस लेना तक मुश्किल कर दिया है। यहां प्रदूषण का आतंक इस कदर फैल रहा है कि  नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) से लेकर कोर्ट और दिल्ली सरकार सभी ये सोचने को मजबूर हैं कि स्मॉग के इस दानव से आखिर लड़ा कैसे जाए? 

विज्ञापन


सरकार लोगों को इस जहर से निजात दिलाने के लिए ऑड-ईवन का रास्ता अपनाना चाहती है तो वहीं एनजीटी इस बात से नाराज है कि आपने बद से बदतर होते हालात के लिए पहले से तैयारी क्यों नहीं की? आखिर क्यों शहर की हवा में इतना जहर घुलने दिया। ऐसा नहीं है कि विश्व में सिर्फ भारत ही स्मोग यानी जहरीली हवा से नहीं जूझ रहा बल्कि कई ऐसे देश मौजूद हैं जो प्रदूषण की इस विकराल समस्या का सामना कर रहे हैं। 
विज्ञापन


फर्क सिर्फ ये है कि उन देशों ने इससे निपटने के लिए जो उपाय अपनाएं हैं वो ज्यादा कारगर हैं। जानिए भारत के पड़ोसी देश चीन के बारे में कि वो आखिर किस ब्रह्मास्त्र का इस्तेमाल कर स्मोग के दानव का मुकाबला कर रहा है और आखिर भारत उससे क्यों पीछे रह रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें: स्मॉग: दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद से अधिक जहरीली 'रोहतक' की हवा

बीजिंग में पीएम 2.5 के लेवल को 73 माइक्रोग्राम से घटाकर 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर पर लाने की लगातार तैयारियां की जा रही हैं। दरअसल, चीन के पर्यावरण मंत्रालय 50 माइक्रोग्राम को रहने योग्य मानता है और उसे वह अपना टारगेट मानकर चल रहा है। आईए आपको बताते हैं प्रदूषण से निपटने के लिए क्या तरीके आजमा रहा है चीन...

चीन करता है चार तरह के अलर्ट जारी

smog terror continuous in Delhi know how china is fighting from it

चीन में प्रदूषण के स्तर से निपटने के तरीकों को चार हिस्सों में बांटा गया है, जो कि ब्लू अलर्ट, येलो अलर्ट, ओरेंज अलर्ट और रेड अलर्ट है। 

ब्लू अलर्ट​
ब्लू अलर्ट के मुताबिक अगर एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 से ज्यादा हो और वह पूरा दिन बना रहे तो बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी जाती है। वहीं धूल को उड़ने  से रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जाते हैं।

येलो अलर्ट
येलो अलर्ट में इंडेक्स अगर 200 क्वालिटी है और दो दिन से बरकरार है तो स्कूलों को बंद कर दिया जाता है। पर्यावरण मंत्रालय की ओर से लोगों को हेल्थ एडवाइजरी जारी की जाती है। सड़कों को लगातार साफ किया जाता है।

अोरेंज अलर्ट
अगर पीएम 2.5 का स्तर 3 दिनों तक 200 पर बना रहता है तो लोगों को मेडिकल सलाह दी जाती है। ट्रैफिक की समस्या को कम करने के लिए वर्किंग शेड्यूल को बदला जाता है। निर्माण कार्य पर पूरी रोक के अलावा पुरानी गाड़ियों को चलने नहीं दिया जाता है। 

रेड अलर्ट
इसमें लोगों को बाहर बिल्कुल न निकलने की सलाह दी जाती है, अगर उन्हें बाहर निकलना ही है तो वे मास्क पहनकर ही निकले यह आदेश दिए जाते हैं। स्कूलों की टाइमिंग बदल दी जाती है वहीं मेडिकल इंस्टीट्यूट्स में एक्सट्रा टीम की तैनाती की जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed