'चीन पर दबाव बनाने की रणनीति है मोदी का वियतनाम दौरा'
जी-20 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वियतनाम दौरा संयुक्त रूप से चीन पर दबाव बनाने और चीन के साथ सौदेबाजी को बढ़ाने के लिए है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के एक लेख में यह लिखा गया है।
ग्लोबल टाइम्स में लिखा है कि दक्षिण चीन सागर विवाद की वजह से पिछले कुछ समय से बीजिंग और हनोई के रिश्ते उतने अच्छे नहीं रह गए हैं।
इसके साथ ही वियतनाम के लोग बीजिंग को लेकर नकारात्मक सोचने लगे हैं। इस परिस्थितियों में मोदी की वियतनाम यात्रा बिना संदेह भारत द्वारा कई रणनीतियों का हिस्सा होगा।
चीन के साथ सौदेबाजी बढ़ाने के लिए दौरा
ऐसा लगता है कि नई दिल्ली और हनाई संयुक्त रूप से बीजिंग पर दबाव बना सकते हैं। इसका कारण है कि भारत और चीन दोनों के हित इसमें छुपे हुए हैं।
दोनों ही चीन के साथ अपनी सौदेबाजी को बढ़ाना चाहते हैं लेकिन दोनों में से कोई भी चीन से सीधे इस बारे में बात नहीं करना चाहता है।
पिछले 15 सालों में यह पहली बार है जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री वियतनाम का दौरा कर रहा है जबकि इतने समय में चीन के तीन पूर्व राष्ट्रपति के साथ वर्तमान राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली के कियांग वियतनाम के दौरे करते रहे हैं।